देहरादून। प्रदेश में जंगल की आग अब भयभीत करने लगी है। नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, टिहरी, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग जिलों में जंगल लगातार धधक रहे हैं। अल्मोड़ा में आग बुझाते वक्त एक कर्मचारी झुलस गया, जबकि सोमेश्वर के मैदड़ी में बरातियों ने गांव के नजदीक पहुंची आग पर काबू पाया। 
वहीं, रुद्रप्रयाग जिले की रुद्रप्रयाग रेंज में आग लगाने के आरोप एक व्यक्ति को पकड़ा गया। उससे 20 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। इस बीच पिछले 24 घंटों में आग की 90 घटनाओं पर काबू पाया गया, जबकि शुक्रवार देर शाम तक 45 स्थानों पर जंगलों के सुलगने की सूचना थी। 
राज्यभर में इस फायर सीजन में जंगल की आग की घटनाओं की संख्या 1683 हो चुकी है, जिसमें 2235 हेक्टेयर जंगल तबाह हुआ है। आग की लगातार बढ़ती घटनाओं से परेशान वन महकमे की निगाह अब इंद्रदेव पर टिक गई है।
जंगल की आग के लिहाज से मई का महीना वन विभाग पर भारी गुजरा है। 15 फरवरी को फायर सीजन शुरू होने के बाद 30 अप्रैल तक आग की महज 88 घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद पारे की उछाल के साथ ही जंगलों के सुलगने का सिलसिला तेज हुआ। माहभर में ही आग की घटनाओं में 1595 का इजाफा हो गया। अभी भी यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 
राज्यभर में जगह-जगह जंगल सुलग रहे हैं। धुंए से पहाड़ों में धुंध की चादर भी पसरी हुई है। कुमाऊं मंडल इस मर्तबा जंगल ज्यादा धधक रहे हैं। नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ जिले के कई जंगल आग की गिरफ्त में हैं।

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