काशीपुर I अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी दांपत्य सूत्र में बंधने जा रही हैं। शनिवार को वह रामनगर रोड स्थित एक होटल में परिणय सूत्र में बंध जाएगी। उनके होने वाले पति संदीप लांबा सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।
प्रियंका की शादी में शिरकत करने के लिए देश भर से ख्यातिलब्ध बॉक्सरों का रामनगर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बॉक्सिंग के क्षेत्र में देश-विदेश में अपने मुक्कों का दम दिखा चुकीं अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर प्रियंका चौधरी की बीती 26 मई को हरियाणा के सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर जगदीश प्रसाद लांबा के पुत्र संदीप लांबा के साथ सगाई हुई थी।

संदीप लांबा सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता हैं। दोनों परिवारों के बीच आठ जून को विवाह का कार्यक्रम तय हुआ है। इसे लेकर परिवार में तैयारियां चल रही हैं। बृहस्पतिवार को आर्यनगर स्थित अपने आवास पर अमर उजाला से खास बातचीत में प्रियंका ने कहा कि दांपत्य जीवन की शुरूआत के बाद भी बॉक्सिंग उनकी प्राथमिकता रहेगी। 
उसकी ससुराल में भी इस खेल को पसंद किया जाता है। वैसे भी हरियाणा में अधिकांश परिवारों से खिलाड़ी हैं। शादी के तुरंत बाद वह अक्तूबर में गोवा में संभावित नेशनल और ओलंपिक खेलों के लिए विदेशी कोचों से प्रशिक्षण लेंगी।

प्रियंका ने बताया कि उनके विवाह में बॉक्सिंग खिलाड़ी मेरीकॉम को भी आना था लेकिन उनके पिता का स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह नहीं पहुंच सकेंगी। बता दें कि प्रियंका को उनके पिता पूर्व कोतवाल विजय चौधरी और चाचा विजेंद्र चौधरी ने बॉक्सिंग के लिए काफी प्रेरित किया है।

प्रियंका के विवाह समारोह में मिजोरम निवासी नेशनल मेडलिस्ट वनलाल झाती, शिवा सक्सेना, एशियन गेम कांस्य पदक विजेता हरियाणा निवासी पूजा रानी, पंतनगर विश्वविद्यालय की खेल निदेशक डॉ. पूनम त्यागी आदि हस्तियां शिरकत करेंगी। 
दिल्ली निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर हिना कहती हैं कि शादी के बाद खेल और दांपत्य जीवन दोनों को चलाने के लिए पार्टनर सही होना जरूरी है। हरियाणा निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर मीनाक्षी और राजस्थान निवासी अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर एशिया पदक विजेता सीमा उनियाल कहती हैं कि खेल और घर गृहस्थी को चलाने के लिए दोनों को एक-दूसरे को समझकर चलना चाहिए। 

जिले की बॉक्सर बेटी प्रियंका की उपलब्धि 
प्रियंका विभिन्न राज्यों में अपने मुक्कों का दम दिखाने के अलावा कनाडा, कोरिया, वियतनाम, सर्बिया, चीन, न्यूजीलैंड और तुर्की में नामचीन बॉक्सरों को हराकर चुकी हैं। 17 वर्षों के बॉक्सिंग कॅरिअर में यह बॉक्सर बेटी राष्ट्रीय स्तर पर एक दर्जन से अधिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आठ पदक झटककर देश-विदेश में उत्तराखंड का नाम रोशन कर चुकी है।

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