परमार्थ निकेतन में राष्ट्र, पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समर्पित श्रीराम कथा में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने आचार्य श्री बालकृष्ण जी का किया अभिनन्दन
अपने कष्टों से उपर उठकर समाज के लिये सोचना यही तो जीवन है- स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश, 7 जून। परमार्थ निकेतन गंगा तट आज राष्ट्र, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, माँ गंगा सहित देश की सभी नदियों को समर्पित मानस कथा में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और आचार्य श्री बालकृष्ण जी ने सहभाग किया। प्रख्यात कथाकार श्री मुरलीधर जी महाराज के मुखारबिन्द से माँ गंगा के साथ-साथ मानस की ज्ञान रूपी गंगा सतत प्रवाहित हो रही है। मानस रूपी ज्ञान गंगा 16 मई से 14 जून तक सतत प्रवाहित होेते रहेगी।
 श्रीराम कथा के मंच से श्रद्धालुओं को राष्ट्र, समाज, पर्यावरण, परिवार और जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर पूज्य संतों, पर्यावरणविदों मूर्धन्य विभूतियों और विशेषज्ञों के विचार श्रवण करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
प्रतिदिन कथा के समापन अवसर पर वैश्विक स्तर पर व्याप्त समस्याओं यथा स्वच्छता, स्वच्छ जल, नदियों का संरक्षण, शौचालय के प्रति जागरूकता, प्लास्टिक मुक्त विश्व का निर्माण, गौ संवर्धन, वृक्षारोपण, बढ़ते ई कचरे के प्रति जागरूकता, शाकाहारी जीवनचर्या, कुपोषण, महिला सशक्तिकरण, शादी से पहले शिक्षा, बाल विवाह के प्रति जागरूकता, दहेज प्रथा, नशा मुक्त भारत, भू्रण हत्या के प्रति जागरूक करने एवं समाधान प्रस्तुत करने हेतु संदेश प्रसारित किया जाता है तथा लोगों को संकल्प भी करवाया जाता है।
श्रीराम कथा का सीधा प्रसारण संस्कार चैनल के माध्यम से पूरे विश्व में हो रहा है ताकि श्रीराम कथा के साथ-साथ श्रद्धालुओं को वैश्विक समस्याओं के विषय में जानकारी प्राप्त हो एवं उनके समाधान हेतु विशेषज्ञों की राय भी सभी तक पहुंच सके।
आचार्य श्री बालकृष्ण जी ने व्यासपीठ पर पुष्पमाला अर्पित कर प्राणाम किया तथा स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और संत श्री मुरलीधर जी ने कमल की माला पहनाकर श्री बालकृष्ण जी का अभिनन्दन किया।

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