परिवहन सुविधाए दिलाने मंे फिसड्डी,बसों के लिए घंटो करना पड़ रहा इंतजार
देहरादून। दून से मसूरी की दूरी करीब 30 से 35 किलोमीटर है। देहरादून के मसूरी बस स्टॉप से रोज करीब 6 से 7 हजार यात्री मसूरी जाते है। अधिकतर पर्यटक बसों को जरिए ही देहरादून से मसूरी जाते है। 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच मसूरी में सबसे ज्यादा पर्यटक जाते है। इस बार 1 जून से अब तक कुल 50000 से ज्यादा पर्यटक देहरादून से मसूरी जा चुके हैं, लेकिन उत्तराखंड परिवहन निगम पर्यटकों का पर्याप्त बसे मुहैया नहीं कर पा रहा है। पर्यटन सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोज 30 बसों की जरुरत है। लेकिन परिवहन निगम के पास पर्याप्त संख्या में बसे उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पर्यटकों को कई घंटे बसों को इतजार में खड़े रहते है। इतना ही नहीं देहरादून रेलवे स्टेशन पर स्थित मसूरी बस स्टॉप पर पर्यटकों के बैठने की भी कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बाजवूद इसके राज्य सरकार न तो इस व्यवस्था को बदलने को तैयार है और न ही पर्यटकों की सहूलियत के कोई नया कदम उठाने की कोशिश कर रही है।  ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि राज्य सरकार एक तरफ पर्यटन बढ़ाने की बात करती है तो दूसरी तरफ पर्यटकों को ही सुविधाएं नहीं देना चाहती। साफ है कि पर्यटन बढ़ाने के लिए अपने प्रचार-प्रसार में अतिथि देवो भवः का मंत्र देने वाली राज्य सरकार के लिए ये महज स्लोगन बनकर रह गया है। मैदानी इलाकों में गर्मिया बढ़ने के साथ ही लोग पहाड़ों का रूख कर रहे है। इस बार पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा देखने को मिल रही है। एक तरफ यह राज्य सरकार के लिए खुशी की बात है तो दूसरी तरफ चिंता की भी. क्योंकि सरकार पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर उनकी सहूलियतों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दे पा रही है। देहरादून से मसूरी जाने वाले सैकड़ों पर्यटक कई घंटों तक महज इसलिए देहरादून में फंसे रहते हैं। क्योंकि उन्हें समय पर परिवहन निगम की बसें उपलब्ध नहीं हो पाती. ऐसा इसलिए है क्योंकि परिवहन निगम के पास मसूरी जाने के लिए महज 15 बसें हैं. जबकि इस रूट पर गर्मियों के सीजन में 30 बसों की जरूरत महसूस की जाती है। परिवहन निगम के अधिकारी भी मानते हैं कि निगम पर्यटकों की संख्या के लिहाज से व्यवस्थाएं कराने में नाकाम साबित हो रहा है।

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