नई दिल्ली I भीषण गर्मी से निजात पाने पहाड़ों का रुख कर रहे पर्यटक वहां लग रहे जाम से हलकान हैं। बीते दो दिन से उत्तराखंड ही नहीं हिमाचल के रोहतांग-मनाली में भी सैलानी मीलों लंबे जाम में फंसे रहे। वाहनों की लंबी कतारों के बीच अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए पर्यटक भूखे-प्यासे ही जद्दोजहद करते दिखे। शनिवार को भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से लेकर आमजन को जाम के झाम से छुटकारा दिलाने के लिए जहां प्रशासन व्यस्त रहा, वहीं सैलानी त्रस्त नजर आए।
उत्तराखंड में सरोवर नगरी नैनीताल में जाम बना नियति
उत्तराखंड में सरोवर नगरी नैनीताल की स्थिति तो यह है यहां जाम में फंसना मानो लोगों की नियति बन गई है। नैनीताल में वाहनों का दबाव कम करने के मकसद से उनके वाहनों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा। शटल सेवा जवाब दे जा रही है। टैक्सी चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

रानीखेत में एकमात्र पेट्रोल पंप होने की वजह से रानीखेत-हल्द्वानी रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं पर्यटकों को अपने वाहनों में पेट्रोल भराने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उधर, चितई में जागेश्वर धाम पहुंचे श्रद्धालुओं को भी जाम से जूझना पड़ा। यहां अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु और पर्यटक काफी देर तक जाम में फंसे रहे।

भीमताल-रानीबाग रोड पर लगा चार किमी. लंबा जाम

भीमताल-रानीबाग रोड पर चंदा देवी के पास चार किमी लंबा जाम लगा जिससे भीमताल की ओर जा रहे सैलानियों और आम लोगों को खासी दिक्कतें हुईं। नैनीताल के लिए यात्रियों की भीड़ शनिवार को भी ऐसी बढ़़ी कि रोडवेज की बसों और टैक्सियों के लिए यात्रियों को करीब 24 घंटे इंतजार करना पड़ा।

निगम के अधिकारियों ने नैनीताल मार्ग पर कई अतिरिक्त बसों का बेड़ा लगाया। इसके बाद भी यात्रियों का दबाव कम नहीं हुआ। उधर, कालाढूंगी नैनीताल रोड पर भी जाम की स्थिति रही। यहां तीन बरातें जाम में फंसी रहीं।  कालाढूंगी से लौट रही एक बरात चारखेत में फंस गई। इसी तरह गिरीश-पूनम, चंदन-दीप्ति (रानीखेत से नैनीताल आई थी बरात) और अशोक-मानसी की बरात भी जाम में फंसी रही।

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