रुद्रप्रयाग I चीन में बने कांच के पुल की तर्ज पर अब भारत में भी इस फेमस हिल स्टेशन में पारदर्शी पुल बनाया जाएगा। जी हां, पढ़कर चौंकिए मत, यह पुलिस केदारनाथ धाम के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव रहे रामबाड़ा में बनकर तैयार होगा। आपदा के बाद से वीरान पड़ी इस जगह को इस नई योजना से देश दुनिया में पहचान मिलेगी। 

आपदा से पहले केदार यात्रा के मुख्य पड़ाव रहे रामबाड़ा को यादों में बनाए रखने के लिए यहां मंदाकिनी नदी पर चीन की तर्ज पर पारदर्शी पुल का निर्माण किया जाएगा। जिला प्रशासन इसकी कार्ययोजना बनाने में जुट गया है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर आपदा के बाद से वीरान पड़ा रामबाड़ा एक बार फिर देश-दुनिया में नई पहचान बनाएगा। 

जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने चीन में निर्मित पारदर्शी पुलों की तर्ज पर यहां मंदाकिनी नदी पर कांच या धातु का पारदर्शी पुल बनाने का खाका तैयार किया है। लगभग 100 मीटर स्पान वाले इस पुल के फर्श पर रामबाड़ा के आपदा से पूर्व के रूप को अंकित किया जाएगा। पुल के दोनों तरफ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पेंटिंग भी स्थापित की जाएंगी।

देश-विदेश के यात्री जान सकेंगे कि यात्राकाल में किस प्रकार रात को भी रामबाड़ा कस्बा चहकता था। साथ ही केदारनाथ यात्रा में रामबाड़ा के महत्व की भी उन्हें जानकारी हो सकेगी। करीब आठ करोड़ की लागत से तैयार किए जाने वाले इस पुल के लिए सीएसआर से धनराशि जुटाई जाएगी।

गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के मध्य में स्थित रामबाड़ा यात्रा का मुख्य पड़ाव था। यहां पर बाबा के दर्शनों को जाने वाले और दर्शन कर लौटने वाले श्रद्धालुओं का मेल-मिलाप होता था। यहां ढाबा, दुकानें व छानियां थी, जहां यात्री भोजन करने के साथ रात्रि प्रवास भी करते थे, लेकिन 16/17 जून 2013 की आपदा में मंदाकिनी के रौद्र रूप ने रामबाड़ा को लील लिया। अब यहां चारों तरफ बोल्डर और भू-कटाव से छलनी जमीन के निशान ही नजर आ रहे हैं।

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