ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में आयुष विभाग की ओर से स्वास्थ्य एवं शारीरिक प्रकृति परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने करीब 75 महिलाओं, बच्चों व वृद्धजनों की जांच व उपचार किया। इस अवसर पर लोगों को स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया गया, साथ ही उन्हें शरीर की प्रकृति के अनुसार आहार, विहार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। एम्स के आयुष विभाग की ओर से सततरूप से आयोजित किए जा रहे स्वास्थ्य एवं जनजागरुकता शिविरों के बाबत अपने संदेश में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य लोगाें को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करना और कम खर्च में वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना है। निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत ने इस प्रकार  शिविरों के जरिए रेंडामाइज्ड कंट्रोल ट्रायल (आरसीटी) पद्धति से अनुसंधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा करके अन्य पद्धतियों की उपयोगिता साबित की जा सकती है। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने जनजागरुकता के लिए सततरूप से स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन के लिए आयुष विभाग की चिकित्सकीय टीम को प्रोत्साहित किया। आयुष विभागाध्यक्ष डा.वर्तिका सक्सेना की देखरेख में आयोजित शिविर में डा.मीनाक्षी जगझापे व डा.विंतेश्वरी नौटियाल ने रोगियों का परीक्षण किया । उन्होंने बताया कि शिविर में शामिल होने वाले रोगियों में बात विकार, उदररोग, कमजोरी, मूत्र विकार आदि से ग्रसित मामले अधिक पाए गए। डा. मीनाक्षी जगझापे ने बताया कि आयुुष विभाग की ओर से इस माह के आखिरी बुधवार यानि 29 मई को भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा,जिसमें निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत के निर्देश पर अधिकाधिक लोगों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा, उन्होंने लोगों से शिविर में प्रतिभाग की अपील भी की है। शिविर के आयोजन में सीना जोसेफ, नितेंद्र सारस्वत, किरन बड़ृथ्वाल, सीमा तोमर, संदीप कंडारी आदि ने सहयोग किया।

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