छात्र-छात्राओं ने दी मोहक प्रस्तुति
शहीदों को अपना प्ररेणास्त्रोत बनाएंः डाॅ. श्रीराम गुप्ता
देहरादून। शहीद श्री रास बिहारी बोस व श्री देव सुमन जी के जन्मदिवस के अवसर पर रास बिहारी बोस सुभारती विश्विद्यालय देहरादून में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विश्विद्यालय के स्टाफ व छात्र- छात्राओं ने दोनों शहीदों आ याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी व कार्यक्रम में मोहक प्रस्तुति दी।
शनिवार को श्री रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय देहरादून के प्रांगण में समस्त पदाधिकारियों ने शहीद रास बिहारी बोस एवं श्रीदेव सुमन को पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष कुलपति रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय डाॅ. श्रीराम गुप्ता ने कहा कि यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है कि विश्वविद्यालय का नाम श्री रास बिहारी बोस जी के नाम पर है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि रासबिहारी बोस भारत के एक क्रान्तिकारी नेता थे जिन्होंने ब्रिटिश राज के विरूद्ध आजाद हिन्द फौज संगठित कर क्रान्तिकारी गतिविधियों का संचालन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विदेश में रहकर भी भारत को स्वतंत्रता दिलाने के प्रयास में अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने दिल्ली में तत्कालीन वायसराय लार्ड चाल्र्स हाॅर्डिंग पर बम फेंकने की योजना बनाने, गदर की साजिश रचने और बाद में जापान जाकर इंडियन इंडिपेंलेंस लीग और आजाद हिंद फौज की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि संयोग के आज ही के दिन शहीद श्रीदेव सुमन का भी जन्म दिवस है जिनके नाम पर विश्वविद्यालय के अंतगर्त एक काॅलेज का नाम रखा गया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि श्रीदेव सुमन का नाम देश के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। श्रीदेव सुमन ने टिहरी रियासत के खिलाफ संघर्ष कर टिहरी रियासत की चूलंे हिला दी थी। वह वास्तविक अर्थो में अहिंसावादी स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने टिहरी जेल में एक बार नहीं बल्कि दो बार आमरण अनशन किया। दूसरी बार 84 दिनों तक शहीद श्रीदेव सुमन ने आमरण अनशन करते हुए अपने प्रणात न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि रास बिहारी बोस एवं श्रीदेव सुमन जैसे हजारों शहीदों के बलिदान के कारण ही हम आजाद देश में सांस ले पा रहे हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से रास बिहारी बोस एवं श्रीदेव सुमन जी को अपना प्रेरणास्त्रोत बनाने का आह्वान किया।
इस मौके पर रास बिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय के निदेशक डाॅ. देवव्रत राय, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. जीवन आशा, कुलसचिव डाॅ. मनोज सिन्हा, प्रशासनिक अधिकारी रविन्द्र प्रताप यादव, समस्त प्रधानाचार्य, शैक्षिक व गैरशैक्षिक कर्मचारी मौजूद थे।

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