देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस आम आदमी के संग मित्र पुलिस की भूमिका निभाने में कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। तीर्थनगरी पुलिस ने इस दिशा में एक नई शुरूआत करते हुए बच्चों को भिक्षा नही शिक्षा अभियान की शुरूआत की है। जिससे कि बच्चें शिक्षित बनकर देश के विकास में अपने स्तर से सहयोग प्रदान कर सके।
 तीर्थनगरी पुलिस जहां पर्यटकों के साथ मित्र पलिस का व्यवाहर कर रही है। जिससे कि उत्तराखण्ड आने वाला पर्यटक उत्तराखण्ड से अच्छा संदेश लेकर जाए। इसके साथ ही तीर्थनगरी पुलिस ने एक अनूठी पहल भी कर डाली है। पुलिस भीख मांगने वाले बच्चों को भिक्षा नही शिक्षा अभियान के तहत स्कूल भेजने का काम कर रही है। इसी श्रंखला में पुलिस ने अभियान के तहत भिख मागने वाले बच्चो को स्कूल में ऐडविसन कराना शुरू कर दिया है। लेकिन उन बच्चों के पेरो मे चप्पल नही थी दिन में स्कूल से घर जाने में पैर जल रहे थे ओर मिड डे मील (लंच ) खाने के लिए बच्चों के पास थाली नही थी।
 उसके बाद ऑपरेशन मुक्ति से जुड़ी टीमों  ने देहरादून के पास ढोलक बस्ती में इन बच्चों को थाली व चप्पल वितरित की और साथ ही  रूहअफजा सरबत भी बाटंने का काम किया। इसे लोग पुलिस की सराहनीय पहल के रूप में देख रहे है।

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