अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन नर्सिंग एजुकेशन एंड रिसर्च (कॉलेज ऑफ नर्सिंग) में अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया, जिसमें डा. कनिष्कदीप शर्मा ने  ईसीजी एवं इसकी कार्यप्रणाली पर व्याख्यान दिया ।
इस अवसर पर अपने संदेश में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने विषय के उद्देश्य का उल्लेख करते हुए बताया कि आपातकालीन परिस्थितियों के समय अस्पताल में कार्यरत नर्सेस के लिए इस कार्यप्रणाली को समझना बहुत जरूर है। ऐसा करने से मरीज की जान समय रहते बचाई जा सकती है। निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने ईसीजी की उपयोगिता पर बताया कि कई गंभीर हृदय रोगों में ईसीजी की मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका होती है । निदेशक प्रो. रवि कांत ने बताया कि कई बार वर्षों के अध्ययन के बाद भी इस जटिल विषय पर विशेषज्ञता हासिल नहीं हो पाती, लिहाजा ऐसी ​स्थिति में इस तरह की व्याख्यानमालाओं की विद्यार्थियों को खासी जरुरत रहती है। जिससे उन्हें विषय को समझने में मदद मिल सके।                            
 इस ​अवसर पर नोएडा से आए मुख्यवक्ता डा. कनिष्कदीप शर्मा ने प्रस्तुुत व्याख्यान में बताया कि हृदय रोग तथा आपातकालीन परिस्थिति के समय ईसीजी को समझने व उपचार में इससे सहायता लेने संबंधी जानकारी दी। इससे पूर्व मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा. ब्रह्मप्रकाश ने डा. कनिष्कदीप शर्मा का स्वागत किया व उन्हें एम्स की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य प्रो. सुरेश के. शर्मा ने वर्तमान समय में ईसीजी की नर्सिंग विद्यार्थियों  के लिए उपयोगिता एवं उसमें कुशलता पर जोर दिया। इस अवसर पर कॉलेज के डा. शिव मुद्गल, दिनेश कुमार शर्मा, देवनारायण, अशोक कुमार शर्मा,अनिल पराशर, जनक जोशी, कुसुम के अलावा एमएससी नर्सिंग, इंटर्न, बीएससी नर्सिंग द्वितीय व तृतीय वर्ष विद्यार्थी मौजूद थे।

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