धारचूला I उत्तराखंड के धारचूला की दारमा घाटी के एक और लाल करन ग्वाल ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर देश और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। करन ने 22 मई को एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। करन एवरेस्ट फतह करने वाले धारचूला तहसील के छठे पर्वतारोही बन चुके हैं।
इससे पूर्व धारचूला तहसील के मोहन सिंह गुंज्याल, योगेश गर्ब्याल, सुमन कुटियाल, रतन सिंह सोनाल और कविता बूढ़ाथोकी एवरेस्ट फतह कर चुके हैं। माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल ने बताया कि सेना में कार्यरत करन 17 मई को शीतल के साथ ही बेस कैंप तक गए थे। 22 मई को उन्होंने एवरेस्ट तिरंगा फहराया।

2017 में बेस कैंप तक पहुंचे थे करन

एवरेस्ट फतह करने वाले धारचूला के करन ग्वाल 2012 में बेस कैंप तक अभ्यास के तौर पर गए थे। 2017 में वह बेस कैंप चार तक पहुंच गए थे लेकिन उनकी टीम के अन्य सदस्यों का स्वास्थ्य खराब होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से उन्हें लौटना पड़ा था। 

दीलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष पूरन सेलाल, महासचिव जगत सिंह दताल, रं कल्याण संस्था धारचूला इकाई अध्यक्ष कृष्णा गर्ब्याल और रं यूथ फोरम अध्यक्ष पूरन ग्वाल ने खुशी जताई है। करन ग्वाल की इस कामयाबी से परिवार में खुशी का माहौल है। करन की पत्नी मीरा ग्वाल, पुत्र आयुष ग्वाल, पुत्री प्राची ग्वाल और रिश्तेदार गणेश ढकरियाल ने मिष्ठान वितरण किया। 

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