देहरादून। दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन के भाई समेत तीन कॉलेज संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों पर फर्जी तरीके से समाज कल्याण विभाग से ढाई करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप है। 

एसआइटी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जिस संस्थान के नाम से छात्रवृत्ति ली गई थी, उसके पते पर खंडहर मिला। यहां पढ़ने वाले छात्र कहां हैं, इसकी अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। एसआइटी इस मामले में जल्द अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार कर सकती है। 

करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआइटी ने हरिद्वार के मंगलौर स्थित कथित टेकवर्ड वाली ग्रामोद्योग विकास संस्थान के ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस संस्थान और छात्रों के बैंक खाते में समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं के नाम वर्ष 2012-13 और 2014-15 में करीब दो करोड़ 54 लाख, 10 हजार 440 रुपये की छात्रवृत्ति जारी की। एसआईटी की पड़ताल में सामने आया है कि मंगलौर में यह संस्थान सिर्फ कागजों में चल रहा था। 

एसआइटी प्रभारी आइपीएस मंजूनाथ टीसी ने बताया कि संस्थान के अध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल पुत्र लालचंद निवासी जीटी रोड मंगलौर, सचिव संजय बंसल पुत्र एचपी बंसल निवासी 32 ईसी रोड, देहरादून व विधायक मंगलौर काजी निजामुद्दीन के भाई और संस्थान में कोषाध्यक्ष काजी नूरउददीन पुत्र काजी मोहियूद्दीन निवासी किला मंगलौर, हरिद्वार आदि संचालक हैं। 

एसआइटी ने तीनों को पूछताछ के लिए रोशनाबाद कार्यालय बुलवाया। पूछताछ करने पर तीनों छात्रवृत्ति और संस्थान के बारे में ठोस प्रमाण नहीं दे पाए। जांच में सामने आई वास्तविकता को आरोपितों ने स्वीकार भी कर लिया। इस पर एसआईटी ने तीनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। संस्थान से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच भी की जा रही है। 

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