ऋषिकेश। सत्यमेव जयते योग की विजय, षड्यंत्र कार्यों की पराजय, अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र के तहत योग को बदनाम करने वाले षड्यंत्र कारियों के लिए आज का दिन बूरी खबर लेकर आया। विदेशियों ने योग के नाम पर भ्रमित कर पाश्चात्य संस्कृति का तंत्र योग,  न्यूड योग,  चिकन योग, पार्टनर योग , बियर योग आदि के माध्यम से प्रसारित अश्लीलता तीर्थ नगरी ऋषिकेश स्वीकार नहीं करेगा। उत्तराखंड राज्य देवों की नगरी है ऋषि मुनियों ने यहां जप तप के साथ ही योग किया करते थे । योग आदि अनादि है योग के माध्यम से कोई भी व्यक्ति निरोगी रह सकता है पाश्चात्य संस्कृति हमारी इसी योग सिद्धि करना चाहती है जबकि देश के अनेक राजनेता लोग कर रहे हैं और जन-जन से यह अपील कर रहे हैं कि वह भी योग कर निरोगी रहें पाश्चात्य संस्कृति कभी भी हमारी योग साधना को खंडित नहीं कर सकती यदि कोई खंडित होगा तो वह षडयंत्र होता है। षडयंत्र कभी सफल नहीं होते जो के साम्राज्य में अपना विस्तार करने के लिए फूट डालो राज करो षडयंत्र के तहत विदेशियो ने प्रमुख योग स्कूल पर अपना निशाना साधते हुए शिव योग पीठ के संस्थापक सुधीरानंद नाम पर जो घृणित मानसिकता वश जिस तरह दुर्व्यवहार का झूठा आरोप लगाया था वह सदा सर्वदा निंदनीय है। भारतीय संस्कृति जो अतिथियों को देवतुल्य मानती है अतः विदेशी महिला द्वारा आरोप के तुरंत बाद सुधीरानंद को प्रशासन द्वारा जेल भेज दिया गया लेकिन उनके सामाजिक धार्मिक योगदान व तपस्या को ध्यान में रखते हुए जेल से बेल पर रिहा किया गया किंतु महिला को कानून व प्रशासन के द्वारा हर मदद मिलने के बावजूद 1 वर्ष की लंबी जांच व सुनवाई के बाद योग गुरु सुधीरानंद पर आरोप लगाया गया आरोप झूठा पाया गया।अतः न्याय व्यवस्था के द्वारा दोषमुक्त होने के बाद उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया गया है। हर योग गुरु से निवेदन है कि आपसी मतभेद भुला कर वह पावन  योग संस्कृति विद्या एवं परंपराओं का निर्वहन करते समय सावधानी बरतें एवं योग की पताका को संपूर्ण विश्व भर में फहराएं। में  यतो धर्मस्ततो जय जय भारत माता की जय जय उत्तराखंड की।

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