नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण अड्डे पर भारतीय वायु सेना के हमले में मरे आतंकवादियों की संख्या सरकार के पास नहीं है और जो लोग इस हमले की सच्चाई पर सवाल कर रहे हैं वह सशस्त्र बलों के साहस पर राजनीति कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण अड्डों पर हमले के बाद मरे आतंकवादियों की संख्या किसी दिन मालूम हो जाएगी।

बहरहाल, सिंह ने दावा किया कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी शोध संगठन (एनटीआरओ) ने सुरक्षा प्रतिष्ठानों को सूचित किया है कि वायु सेना की बमबारी से पहले प्रशिक्षण अड्डे पर करीब 300 मोबाइल फोन ‘सक्रिय’ थे। विपक्ष पर रक्षा कर्मियों के ‘साहस और बलिदान’ को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कांग्रेस को सलाह दी कि अगर वह हमले में मरे आतंकियों की संख्या जानना चाहता है तो वह पाकिस्तान जाए और शवों को गिने।

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के जवाब में वायुसेना की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस सबूत और हताहतों की संख्या की मांग कर रही है। बीएसएफ की यहां भारत बांग्लादेश सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक सीमा सुरक्षा परियोजना का उद्घाटन करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ''अन्य राजनीतिक दलों के कुछ नेता हमसे पूछ रहे हैं कि भारतीय वायु सेना के हमले में कितने आतंकवादी मारे गए हैं। पाकिस्तान में नेताओं के दिलों को पता है कि वायुसेना के हमले में कितने मारे गए हैं।’’ उन्होंने मरने वालों की संख्या की मांग करने पर विपक्ष का उपहास उड़ाया और हैरानी जताई कि नेता क्यों पूछ रहे हैं कि ‘कितने मरे, कितने मरे?’’ 

उन्होंने कहा, ''क्या हमारी वायु सेना के कर्मियों को हमला करने के बाद शवों को गिनना चाहिए था। क्या मजाक है।’’ गृह मंत्री भारतीय वायु सेना के प्रमुख बीएस धनोआ की सोमवार की टिप्पणी का संदर्भ दे रहे थे जिसमें धनोआ ने मीडिया से कहा कि वायु सेना शवों की गिनती नहीं करती है। सिर्फ यह देखती है कि लक्ष्य पर हमला हुआ है या नहीं। सिंह ने कहा, ''अब कल्पना कीजिए कि कितने मरे। हमें यह संख्या देने की जरूरत नहीं है। मैं पूछना चाहूंगा कि क्या ये मोबाइल फोन पेड़ इस्तेमाल कर रहे थे या वहां मौजूद लोग। अब क्या आप (विपक्ष) एनटीआरओ पर भी यकीन नहीं करेंगे?’’ 

Post A Comment: