ऋषिकेश,11मार्च। 4 साल पहले एक व्यक्ति द्वारा महिला की किराए पर ली गई गोद के बाद 2 बच्चों को जन्म देने के उपरांत एक बच्चे को मृत बता कर गायब कर दिए जाने के उपरांत की गई, पुलिस में शिकायत पर पुलिस ने दूसरे बच्चे को भी बरामद कर बच्चे सहित पकड़े गए अभियुक्त को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। यह खुलासा सोमवार को ऋषिकेश कोतवाली में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक परमेंद्र सिंह ढोवाल पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने संयुक्त पत्रकार वार्ता के दौरान करते हुए बताया कि विगत 6मार्च 18 को  विजयवर्धन सिहं रावत पुत्र राजेन्द्र सिहं रावत नि0 आशुतोष नगर देहरादून ने थाना ऋषिकेश पर सूचना अंकित कराई थी कि वर्ष 2014-2015 में उनके द्वारा एक सेरोगेट मदर नूपुर उर्फ अजन्ता निवासी मेरठ को हायर किया गया था, जिसका प्रारम्भिक ईलाज मेरठ के सिहं टेस्ट ट्यूबी बेबी सेन्टर अस्पताल में प्रारम्भ हुआ।प्रारम्भिक ईलाज के उपरान्त नुपुर सिहं उपरोक्त द्वारा पश्चिम बंगाल जाकर दो बच्चों को जन्म देने के बावजूद उन्हें एक ही बच्चा यह कहकर सुपुर्द किया, कि एक बच्चा मृत पैदा हुआ था, जबकि दोनों बच्चे उनकी जानकारी के अनुसार जिन्दा पैदा हुए थे।  विजयवर्धन द्वारा स्वयं के साथ धोखाधड़ी होने के सम्बन्ध में नुपुर उर्फ अजन्ता के विरूद्ध कोतवाली ऋषिकेश मे मुकदमा  लिखवाया गया,
   मामले की संवेदनशीलता को दृष्टिगत रखते हुये  प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गयी।       
  गठित पुलिस टीम द्वारा साक्ष्य एकत्रित करते हुये व गवाहों के बयान से सिहं टेस्ट ट्यूबी बेबी सेन्टर अस्पताल मेरठ जाकर जानकारी प्राप्त की कि रंजना व नुपुर उपरोक्त का प्रारम्भिक ईलाज उक्त अस्पताल से ही प्रारम्भ हुआ था। नुफुर उर्फ अजन्ता वर्तमान में जयगांव अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल में रह रही है जिसके पास वादी मुकदमा का दूसरा बच्चा भी है, जिसके द्वारा मां सेवा नर्सिगं एवं डायग्नोस्टिक सेन्टर इथखोला अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल में वर्ष 2015 में दो जिन्दा बच्चों को जन्म दिया गया था।  आवश्यक सूचना एकत्रित कर पुलिस टीम द्वारा अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल जाकर उक्त अस्पताल में नुपुर उपरोक्त द्वारा दो जिन्दा बच्चों के जन्म देने की पुष्टि की गयी व सम्बन्धित अस्पताल से उक्त सम्बन्ध में नुपुर उपरोक्त के डिलीवरी के दौरान भर्ती होने तथा डिस्चार्ज होने सम्बन्धी समस्त साक्ष्य एकत्रित कर विवेचना में संम्मलित किये गये व पश्चिम बंगाल की लोकल पुलिस व मुखवीरों व सर्विलांस की मदद से नपुर उर्फ अजन्ता पत्नी पवन नि0 जयगांव निकट भूटान बार्डर अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल को जयगांव के पास से अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के समय अजन्ता उपरोक्त के पास कोई बच्चा नही था, जिसको अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल के कोर्ट में पेश कर नियमानुसार  ट्रांजिट रिमाण्ड के उपरान्त जनपद देहरादून लाया गया व सम्बन्धित न्यायालय में पेश किया गया। अभियुक्ता द्वारा बच्चे की बरामदगी के आश्वासन पर अभियुक्ता का सम्बन्धित मा0न्या0 से 08 दिवस का पुलिस कस्टडी रिमाण्ड लेकर पुनः पश्चिम बंगाल जाकर बच्चे के सम्बन्धित सभी सम्भावित स्थानों पर खोजबीन की गयी। अभियुक्ता द्वारा उक्त बच्चे जिसका नाम उसके द्वारा गोलू रखा गया था के स्कूल मे जाकर भी पूछताछ की गयी। अभियुक्ता के जयगांव अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल वाले किराये के मकान व मायका बापूपडा अलीपुर द्वार पश्चिम बंगाल जाकर भी गोलू के सम्बन्ध में खोजबीन की गयी परन्तु गोलू उपरोक्त का कुछ पता नही चल पाया। अभियुक्ता द्वारा अपने बयानों पर बताया कि गोलू को गिरफ्तारी से पूर्व सुमित जो कि मेरा दोस्त है अपने साथ घूमाने ले गया था, कहा ले गया मुझे इसकी जानाकरी नही है और ना ही उसके स्थायी पते के सन्दर्भ में मुझे कोई जानकारी है बस हम दोनों साथ रहते थे और भूटान में एक साथ काम करते थे। इस पर हमारे द्वारा सर्विलांस की सहायता से भी सुमित व बच्चे की खोजबीन के प्रयास किये गये व सुमित व नुपुर उर्फ अजन्ता के भूटान मे काम करने के कारण सुमित व गोलू के वहां होने की सम्भावना होने पर लोकल पुलिस की सहायता से भूटान बार्डर में भी सुमित व गोलू के खोजबीन के प्रयास किये गये। यहां तक की बांग्लादेश बार्डर के नजदीक थाना मैखली गंज निकट बंगलादेश बार्डर में भी सुमित व गोलू के मौजूद होने की सम्भावना पर गहन खोजबीन की गयी परन्तु कोई सफलता नही मिल पायी। अभियुक्ता को जेल में 60 दिन की अवधि पूर्ण होने की दशा मे पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्ता नुपुर उर्फ अंजता के विरुद्ध गोलू उपरोक्त की सुरागरसी पतारसी जारी रही, वर्तमान में उक्त मुकदमें में सुद्धोवाला जेल में निरुद्ध है। बच्चे की बरामदगी को लेकर  पुलिस टीम को जानकारी मिली कि वादी का दूसरा बच्चा वर्तमान में अभियुक्ता की रिस्तेदारी में घर बदल-बदल कर अभियुक्त द्वारा गोपनीय रूप से छिपाया जा रहा है व वर्तमान में किसी अज्ञांत स्थान पर मेरठ व अलीगढ में रह रहा है। पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस व मुखबिर की मदद से अभियुक्ता नुपुर उर्फ अजन्ता के मेरठ व अलीगढ में रह रहे सारे बंगाली (पश्चिम बंगाल के निवासियों) रिस्तेदारों के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित की गयी। अन्त में जानकारी प्राप्त हुई कि सदर बाजार मेरठ में बंगालियों का काली मन्दिर है, जिसमें नुपुर उर्फ अजन्ता द्वारा अपने रिस्तेदार पण्डित गौतम मुखर्जी पुत्र स्व0 मनेन्दर मुखर्जी निवासी कौश्यल्या धर्मशाला, रूड़की रोड़ पल्लमपुरम मेरठ उ0प्र0 के माध्यम से काली मन्दिर सदर बाजार मेरठ उ0प्र0 में रखा हुआ है।  सूचना पर सोमवार को पुलिस टीम द्वारा आवश्यक कार्यवाही करते हुये योजना बनाकर काली मन्दिर मेरठ में दबिस दी गयी, जहां से पुलिस टीम को अभियुक्त पण्डित गौतम मुखर्जी को बच्चे को साथ ले जाते हुये गिरफ्तार किया गया व बच्चे को सकुशल बरामद कर थाना ऋषिकेश लाया गया जहा गौतम ने पुलिस को बताया, कि लगभग 10-11 महिने पूर्व अजन्ता उर्फ नुपुर द्वारा सम्पूर्ण मामले की जानकारी देते हुये उपरोक्त बच्चे को हमारे पास छोड़ा गया था तब से मै ही बच्चे की देखभाल व मुकदमें की पैरवी कर रहा हॅू।

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