ऋषिकेश, 15 मार्च। विश्व के चार उपमहाद्वीपों के 43 देशों की साइकिल से यात्रा कर परमार्थ निकेतन पहुंचे पर्यावरणविद् अभिषेक कुमार शर्मा। उन्होने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से आशीर्वाद प्राप्त कर विश्व तिरंगा यात्रा की शुरूआत की थी। आज श्री अभिषेक कुमार शर्मा जी ने विश्व विख्यात परमार्थ गंगा आरती में सहभाग कर स्वामी जी महाराज का आशीर्वाद लिया।
परमार्थ निकेतन में आज पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुये स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि ‘‘सभी चुने सही चुने, उसे चुने जो देश को चुने।’’स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि जब लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है और भारत का मतदाता ही अब तो भाग्यविधाता है इसलिये देश का भाग्य कैसा हो। उन्होने भारत के मतदाताओं से आह्वान किया कि आप व्यक्ति नहीं चुन रहे आप देश को चुन रहे है; आप व्यक्ति नहीं चुन रहे आप मूल्योें को चुन रहे है; संस्कारों को चुन रहे है। अब समय आ गया जब सरकारी सरकारें नहीं बल्कि संस्कारी सरकारें चाहिये इसलिये जो भी चुने सोच कर चुने, सही चुने और सभी चुने तथा उसे चुने जो देश को चुने। स्वामी जी ने कहा कि उसे चुने जो अपने लिये नहीं अपनों के लिये, अपने देश के लिये; अपने समाज; अपनी संस्कृति और संस्कारों के लिये जिये। ’’सुझाव हमारा है चुनाव आपका है’’ आईये चुने उसे जो देश को चुने।
पत्रकार बन्धुओं से वार्ता करते हुये पर्यावरणविद्   श्री अभिषेेक कुमार शर्मा जी ने बताया कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से प्रेरित होकर वर्ष 2014 में स्वामी जी महाराज का आशीर्वाद लेकर साइकिल से भारत भ्रमण किया था। इस यात्रा के माध्यम से मैने लोगों को स्वच्छता औ स्वच्छ भारत मिशन के प्रति जागरूक किया।
भारत भ्रमण पूर्ण कर मैने पुनः स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज से भेंट कि स्वामी जी द्वारा विश्व स्तर पर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और विश्व शान्ति के लिये किये जा रहे वैश्विक कार्यो से प्रेरित होकर साइकिल से विश्व भ्रमण करने का विचार परमार्थ निकेतन में ही आया। मार्च 2016 में विश्व भ्रमण यात्रा की शुरूआत की जिसके अंर्तगत अब तक विश्व के चार महाद्वीपों के 43 देशों की 60 हजार किलोमीटर की यात्रा पूर्ण हुई।
सबसे पहले मैने जमर्नी से अपनी यात्रा शुरू कि तत्पश्चात डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, फिनलैण्ड, स्लोवेनिया, रूस, बेलारूस, लिथुआनिया, पोलैण्ड, यूक्रेन, चेक गणराज्य, आॅस्ट्रिया, स्लोवाकिया, हंगरी, सार्बिया, क्रेयेशिया, यूगोस्लावियन देश, ग्रीस, इटली, स्विटजरलैण्ड, फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैण्ड, स्काटलैण्ड, आयरलैण्ड, इंग्लैण्ड, ऑस्ट्रेलिया, फिज़ी, न्यूजीलैण्ड, विटिकन सीटी, कनाडा, स्पेन, मैक्सिको, पुर्तगाल, अमरीका, लिकटेंस्टीन, लग्ज़मबर्ग अन्य देशों का भम्रण किया। वहां जाकर वहां पर रहने वाले भारतीय परिवारों से मिला अनेक विश्वविद्यालयों में सेमिनारों का आयोजन कर विश्व बन्धुत्व, विश्व शान्ति और पर्यावरण संरक्षण हेतु युवाओं को प्रेरित किया।
इस अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भारत की युवा शक्ति अपने अवकाश के समय को सेवा कार्यों में लगायें, राष्ट्र सेवा में लगायें। राष्ट्र और समाज के उत्थान में बढ़-चढ़ कर अपना योगदान प्रदान करें। अवकाश में भी सेवा के आकाश को छुये। आध्यात्मिक मूल्यों के साथ अपने कर्तव्यों को पूरा करें; जीवन मेेें सेवा कार्यों को स्थान दें तथा अपनी शक्तियों को सकारात्मक दिशा में अग्रसर करे। स्वामी जी ने कहा कि हमारी संस्कृति ’वेदों से विमान तक  उपनिषदों  से उपग्रह तक’ के विकास की संस्कृति है। हम विकास तो करे पर अपनी जड़ों से भी जुुड़े रहे। जड़ों से खोखला हुआ वृक्ष ज्यादा दिनों तक हरा-भरा नहीं रह सकता उसी प्रकार जड़ों से; संस्कृति से; संस्कारों से अलग होकर हमारे राष्ट्र का युवा भी उस गौरव को प्राप्त नहीं कर सकता जिसका वास्तव में वह अधिकारी है। स्वामी जी ने कहा कि अब आ गया है कि हम प्रकृति और पर्यावरण के विषय में चिंतन करे; स्वच्छ जल व शुद्ध वायु के बारे में सोचे और प्रदूषण मुक्त भारत के निर्माण के लिये आईये मिलकर कदम बढ़ायें।’
अभिषेक कुमार शर्मा ने कहा कि स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज के विचारों से प्रभावित होकर मैने विश्व के दूसरे देशों में जाकर वहां के पर्यावरणविद्दों एवं युवाओं से निवेदन किया कि हम सभी हाइजीन, सैनिटेशन और पर्यावरण की समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इस हेतु अपने-अपने तकनीकी को सांझा कर हम बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते है। साथ ही वहां पर जाकर सतत विकास, जैविक खेती जैसे अनेक मुद्दोें पर चर्चा की।
अभिषेक कुमार शर्मा  जी ने बताया कि 11 अप्रैल से चुनाव है अतः मैने अपनी विदेश यात्रा को बीच में रोककर भारत के प्रधाममंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के चुनाव अभियान को सपोर्ट करने के लिये आया हूँ। समय के अभाव के कारण मैं साइकिल से स्थान पर ईकोफ्रेंडली मोटर साइकिल का प्रयोग कर रहा हूँ। मेरे इस अभियान को ’आई सपोर्ट प्रधानमंत्री-नमो अगेन’ नाम दिया है।
अभिषेक कुमार शर्मा ने युवाओं को संदेश देते हुये कहा कि नया भारत बनाने के लिये ऊर्जावान युवाओं की जरूरत है। हम सभी युवाओं की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम भारत को समृद्ध बनाने में सहयोग करे।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने श्री अभिषेक कुमार शर्मा का रूद्राक्ष की माला, शाल पहनाकर तथा रूद्राक्ष का पौधा देकर ’सफल यात्रा-सुखद यात्रा’ एवं सुखद जीवन के लिये आशीर्वाद प्रदान किया।

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