ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से शनिवार से हृदय रोग विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश विदेश के जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ व योगाचार्य प्रतिभाग करेंगे। हृदय रोगियों के लिए ऋषिकेश एम्स की पहल पर यह दुनिया की पहली संगोष्ठी है। बृहस्पतिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान में हृदय रोग से ग्रस्त रोगियों के लिए कॉर्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलाजी प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसके संचालन के लिए अमेरिका में कॉर्डियोलॉजिस्ट रहे डा.इंद्रानिल बासू रे को जिम्मेदारी सौंपी गई है। निदेशक पद्मश्री प्रो.रवि कांत ने बताया कि एम्स संस्थान द्वारा जल्द ही टेलीमेडिसिन प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है,जिससे उत्तराखंड के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों को बीमारी के निदान में सहायता मिलेगी। एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि कार्यशाला में विशेषज्ञ हृदय संबंधी विभिन्न विकारों के कारण व निवारण की जानकारी देंगे, साथ ही ध्यान व योग विशेषज्ञ हृदय रोग में इन क्रियाओं को करने से होने वाले लाभ की जानकारी देंगे। निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि दिनचर्या व खानपान में बदलाव, जंकफूड के अत्यधिक प्रयोग से हृदय संबंधी विकार सुनामी की तरह बढ़ रहे हैं, जिससे ग्रस्त होने वालों में युवाओं की संख्या सर्वाधिक है।  संगोष्ठी के मुख्य समन्वयक डा. इंद्रनिल बासू रे ने बताया कि एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो.रवि कांत व हृदय रोग विभागाध्यक्ष डा.भानु दुग्गल की देखरेख में आयोजित इस संगोष्ठी में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के माइंड बॉडी मेडिसिन के निदेशक  डा.ग्रेग फ्रिचयोनी, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के डीन डा.यशवंत पाठक, प्रधानमंत्री के योग गुरु व स्वामी विवेकानंद योग अनुसंधान समस्थान के कुलपति पद्मश्री डा.एचआर नागेंद्र, आचार्य बालकृष्ण, स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि आदि शिरकत करेंगे। भारत समेत अमेरिका, जिनेवा आदि देशों के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ व योग के विद्वान शामिल होंगे । एम्स की हृदय रोग विभागाध्यक्ष डा.भानु दुग्गल ने बताया कि एम्स संस्थान में अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में ध्यान की संगोष्ठी के साथ ही आधुनिक कॉर्डियोलॉजी पर आधारित संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। जिसमें हृदय रोगों के निदान के लिए आधुनिकतम सुविधाएं, दवा, उपचार विधि जैसे एनजिओप्लास्टी,इकोकार्डियोग्राफी,अरिधमिआ आदि की तकनीकी जानकारी दी जाएगी।

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