काशीपुर I चुनाव में भ्रष्टाचार नियंत्रण और पारदर्शिता के कितने ही दावे किए जाएं लेकिन खुद लोकसभा सांसद भी इसके लिए बनाए कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं। लोकसभा के सिर्फ 114 सांसदों ने ही निर्धारित समय सीमा के अंदर अपना और अपने आश्रितों का संपत्ति दायित्व विवरण लोकसभा सचिवालय में दिया है। 58 सांसदों ने 21 फरवरी 2019 तक अपना संपत्ति-दायित्व विवरण नहीं दिया है। 
काशीपुर निवासी सूचना का अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने लोकसभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी से लोकसभा सदस्य (संपत्ति और दायित्वों की घोषणा) नियम 2014 के तहत संपत्ति और दायित्वों की घोषणा करने एवं न करने वाले लोकसभा सदस्यों की सूचना मांगी थी।

लोकसभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी ने 16वीं लोकसभा के संपत्ति व दायित्वों की घोषणा करने एवं न करने वाले सदस्यों की सूचना उपलब्ध कराई है। सूचना के अनुसार लोकसभा के 58 सदस्यों ने 21 फरवरी 2019 तक अपने संपत्ति-दायित्वों की घोषणा नहीं की है। 
इसमें भाजपा के तीन और कांग्रेस के छह सांसद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त संपत्ति दायित्वों की घोषणा न करने वाले सांसदों में आप के पंजाब से तीन सांसद शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के यूपी से 4 सांसद, लोक जनशक्ति पार्टी के बिहार से 4 सांसद, आरजेडी के बिहार से दो सांसद, जेडीयू के बिहार से दो सांसद, शिरोमणि अकाली दल के पंजाब से दो सांसद, झारखंड मुक्ति मोर्चा के झारखंड से दो सांसद, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के पश्चिमी बंगाल से चार सांसद, बीजेडी के उड़ीसा से तीन सांसद, शिवसेना के महाराष्ट्र से दो सांसद, तेलगू देशम पार्टी के आंध्र प्रदेश से छह सांसद, टीआरएस के तेलंगाना से चार सांसद शामिल हैं। वहीं विभिन्न दलों के एक-एक लोकसभा सांसद ने अपनी संपत्ति दायित्व घोषणा का विवरण नहीं दिया है।

इसमें एआईडीएमके, एआईएमआईएम, आल इंडिया कांग्रेस, निर्दलीय, आइएनएलडी, जेएंडके पीडीपी, एनसीपी, एनडीपीपी, आरएलडी, आर एलएसपी और वाईएसआरसीपी के एक-एक सांसद शामिल हैं। नदीम ने बताया कि लोकसभा सदस्य (संपत्ति और दायित्वों की घोषणा) नियम 2004 के नियम 3 के अनुसार प्रत्येक लोकसभा सांसद को शपथ ग्रहण की तिथि से 90 दिन के भीतर अपने संपत्ति दायित्वों की सूचना लोकसभा सचिवालय को देने का नियम है।

Post A Comment: