ऋषिकेश। ऋषिकेश मायाकुंड स्तिथ निशुल्क शिक्षण संस्थान उड़ान में वैलेंटाइन डे के उपलक्ष में एक पौधा प्यार(प्रकृति) के नाम के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्कूल के निदेशक डॉ राजे नेगी ने कहा कि हमारा सबसे पहला प्रेम तो प्रकृति है क्योंकि प्रकृति के द्वारा ही हमें पंचतत्व प्राप्त होते हैं जिसके द्वारा हम अपना जीवन यापन कर पाते हैं। इसलिए प्रकृति को अपना पहला प्रेम मानते हुए आज हम लोगों ने पौधारोपण कर प्रकृति को स्वच्छ,सुंदर एवं प्रदूषण मुक्त रखने की शपथ के साथ वेलेंटाइन डे मनाया। नेगी ने बताया कि भारत में प्रेम दिवस मनाए जाने की परंपरा पौराणिक रही है प्राचीन समय में हमारे देश में राजा महाराजाओं के समय शरद पूर्णिमा के दिन एवं रात्रि में इसे कौमुदी महोत्सव के रूप में मनाया जाता था जिसके लिए विशेष रूप से राज आज्ञा होती थी। जिसका वर्णन स्कन्द पुराण एवं दुर्गा सप्तशती में मिलता है। स्कंद पुराण के अनुसार इस महोत्सव के दिन युवक युवतियां पति पत्नी व मित्र मित्ताणि एक दूसरे को उपहार देकर प्रेम का इजहार करते हैं इस दिन चंद्रमा की पूजा करके अपने प्रेम की दीर्घायु की कामना करने का भी रिवाज था। इस महोत्सव को प्राचीन काल में मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल तक आबाज बनाए जाने की परंपरा थी मगर बाद में किन्ही कारणों से परंपरा आगे ना बढ़ सकी जो कि लंबे समय तक लुप्त हो गयी।इस अवसर पर मेमोरी चैंपियन प्रतीक यादव,उत्तम सिंह असवाल, प्रिया क्षेत्री, कंचन नेगी,प्रतिभा रावत,प्रियंका कुकरेती, दिव्या चमोली,पूजा पंवार,आरती बहुगुणा,दीपिका पंत,आशुतोष कूडीयाल उपस्तिथि थे।

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