देहरादून। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के खिलाफ विजिलेंस जल्द चार्जशीट दाखिल करेगी। वहीं मिश्रा का साथ देने वाले चार अन्य आरोपितों के खिलाफ विजिलेंस सबूत जुटा रही है। इन चारों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलते ही गिरफ्तारी की जाएगी। 

विजिलेंस ने आयुर्वेद विवि में एक करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप में निलंबित कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को तीन दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया था। इस मामले में मिश्रा की पत्नी श्वेता मिश्रा, विवि को कंप्यूटर उपकरण आपूर्ति करने वाली फर्म अमेजन ऑटोमेशन की शिल्पा त्यागी, क्रिएटिव वर्ल्‍ड सोलेशन की नूतन रावत और चालक अवतार सिंह से भी पूछताछ की जा चुकी है। 

चारों के बारे में विजिलेंस को घोटाले में मिलीभगत की जानकारी मिली है। अभी तक विजिलेंस की जांच सिर्फ मृत्युंजय मिश्रा के आस-पास चल रही है। विजिलेंस के एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज का कहना है कि चार्जशीट 90 दिन के भीतर कोर्ट में पेश की जानी है। इन दिनों चार्जशीट तैयार करने पर काम चल रहा है। 

न्यायिक हिरासत 20 तक बढ़ी 

मृत्युंजय मिश्रा वीडियो क्रान्फ्रेंस के मध्यम से कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने मिश्रा प्रकरण पर जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रदीप पंत से भी जानकारी ली। इसके बाद विजिलेंस कोर्ट ने मिश्रा की न्यायिक हिरासत 20 फरवरी तक बढ़ा दी है। इधर, मिश्रा की जमानत पर हाईकोर्ट में फैसला होना है। इसके लिए 11 फरवरी के बाद कोर्ट खुलने पर तारीख तय होगी।

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