ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से टीएचडीसी में ब्रेस्ट कैंसर जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं, छात्राओं को ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण व रोकथाम के उपाय बताए गए। चिकित्सकों ने महिलाओं से ब्रेस्ट की नियमित तौर पर स्वयं जांच करने और 40 वर्ष की उम्र के बाद मैमोग्राफी कराने का सुझाव दिया है। बृहस्पतिवार को एम्स संस्थान के कम्यूनिटी एवं फेमिली मेडिसिन विभाग की आउटरीच सेल की ओर से टीएचडीसी के रसमंझरी सभागार में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रोफेसर बीना रवि ने बताया कि हर उम्र की महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। लिहाजा 20 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को माहवारी खत्म होने के तीन से चार दिन तक नियमित तौर पर स्तनों की स्वयं जांच करनी चाहिए। प्रो.बीना रवि ने बताया कि यदि ब्रेस्ट में गांठ नजर आती है तो चिकित्सक से तत्काल सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हरेक महिला को 40 की उम्र के बाद महिलाओं को मैमोग्राफी जरूर कराना चाहिए। इस दौरान महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण व ब्रेस्ट एग्जामिनेशन के तौर तरीके भी बताए। स्तन में गांठ या सूजन, खुजली, लालिमा दिखाई देना,स्तन का धंसना, आकार में बदलाव का होना, स्तन से खून, मवाद या पानी का रिसाव, कांख में गांठ जैसा महसूस होना, स्तन या कांख में लगातार दर्द का बना रहना ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण हैं। डीन एकेडमिक प्रो.सुरेखा किशोर ने महिलाओं से ब्रेस्ट कैंसर को लेकर जागरूक रहने को कहा, उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं,मगर फिर भी महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह रहती हैं। इस अवसर पर एसआर,जेआर व इंटर्नस ने ब्रेस्ट मॉडल्स पर लोगों को परीक्षण का डैमो दिया। इस मौके पर सीनियर रेजिडेंट डा.भावना, डा.कंचन, डा.सुरभि, जेआर डा.गीता, इंटर्नस जागृति, श्लोका,रामप्यारी, एटलांटा आदि मौजूद थे।

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