ऋषिकेश,18फरवरी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर तमाम निजी चिकित्सालय के संचालकों द्वारा पिछले  4 दिनों से  अपने चिकित्सालय बंद कर राज्य सरकार की नीतियों का विरोध किये  जाने के बाद भी सरकार द्वारा कोई निर्णय नहीं लिए जाने सेे चिकित्सकों ने रोष व्याप्त है। जिन्होंने अपने क्लीनिक  बंद कर  सरकार को चाबी सौंपने  की चेतावनी दी है।आईएमए के अध्यक्ष डॉ हरिओम प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि आह्वान पर  विगत14 तारीख क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में बंद का आह्वान किया था उन्होंने बताया कि  मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भरोसा दिलाया था कि  वह इस एक्ट की जगह उत्तराखंड हेल्थ केयर इस्टैब्लिशमेंट एक्ट लागू करेंगे मगर  या वायदा पूरा नहीं हो पाया जिसके विरोध में  आईएमए को  हड़ताल पर मजबूर होना पड़ा  है।चिकित्सकों की हड़ताल के चलते मरीज  परेशान  हो रहे  हैै । डॉ हरिओम प्रसाद ने कहा कि  हमें सरकार द्वारा  इस संबंध में तैयार किया गया मसौदा मंजूर नहीं है क्योंकि उत्तराखंड में सरकार द्वारा बनाई जा रही नीति कारगर साबित नहीं हो सकती। उधर राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी ।पत्रकार वार्ता में डॉ. राजेश, डॉ हरीश द्विवेदी, डॉ. यू एस खरोला, डॉ. एन बी श्रीवास्तव, डॉ. राजेंद्र गर्ग आदि भी उपस्थित थे।

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