देहरादून। लंबे इंतजार के बाद और लोकसभा चुनाव को करीब आता देख महानगर कांग्रेस की नई टीम की घोषणा कर दी गई। इस कार्यकारिणी में किशोर उपाध्याय के खेमे को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे विरोध के स्वर फूटने लगे हैं। 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह की संस्तुति पर घोषित जंबोजेट कार्यकारिणी में 36 उपाध्यक्ष, 39 महामंत्री, 58 सचिव, 25 सह-सचिव और एक कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। कार्यकारिणी में नगर निगम के वरिष्ठ पार्षदों और छात्र नेताओं को भी एडजस्ट करते हुए जातीय समीकरण साधने की कोशिश तो की गई, लेकिन किशोर उपाध्याय खेमे को पूरी तरह से कार्यकारिणी से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में किशोर खेमे ने आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। वहीं, हरीश रावत गुट का भी एतराज बताया जा रहा है। ऐसे में कार्यकारिणी घोषित होते ही घमासान के आसार बन गए हैं। 

महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व काबीना मंत्री नवप्रभात, दिनेश अग्रवाल, हीरा सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष चमनलाल के साथ ही पूर्व विधायक राजकुमार, सूर्यकांत धस्माना, प्रभुलाल बहुगुणा, गोदावरी थापली, अनुशासन समिति के अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह व अशोक वर्मा के साथ सभी प्रकोष्ठों व विभागों के अध्यक्षों को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। शर्मा ने बताया कि कार्यकारिणी में शहर से बाहर का कोई सदस्य शामिल नहीं किया गया है। 

पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय गुट के शहर के बाहर के कुछ सदस्य महानगर कार्यकारिणी में थे, लेकिन इस बार उन्हें जगह नहीं दी गई है। ऐसे में किशोर का पारा चढ़ा हुआ है। 

पार्टी सूत्रों की मानें तो किशोर ने देर शाम ही अपनी आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। बताया जा रहा कि नई कार्यकारिणी में प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के गुट को पूरी तवज्जो दी गई है। उनके सभी खास को एडजस्ट किया गया है, जबकि हरीश रावत के गुट को भी नजरअंदाज किया गया है। सूत्रों की मानें तो देर शाम सूची जारी होने की वजह से कांग्रेस भवन तो विरोध से दूर रहा, लेकिन अब खासा विवाद सामने आ सकता है।

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