ऋषिकेश। उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना जिस उद्देश्य के साथ की गई थी वह उद्देश्य इन 18 सालों में कहीं दूर छूट गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा व कांग्रेस ने अपने राजनीतिक लाभ के लिए राज्य को गर्त में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि अब एक नई लड़ाई उत्तराखंड राज्य को बचाने के लिए लड़नी होगी, उत्तराखंड क्रांति दल इस लड़ाई की शुरुआत करने जा रहा है।

ऋषिकेश में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने 18 साल पूरे हो चुके हैं, इन 18 सालों में राज्य में रही भाजपा व कांग्रेस की सरकारों की उपलब्धियां सिर्फ यही रही कि पहाड़ खाली हो चुके हैं, प्रदेश में 3000 से अधिक विद्यालय बंद होने को हैं, राज्य के संसाधनों पर माफिया मौज कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिस राज्य को देवभूमि के नाम से जाना जाता है, वहां घर-घर में शराब की दुकानें खोल दी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने निकायों के विस्तार के नाम पर गांव के अस्तित्व को खत्म करने का काम किया है। आरोप लगाया कि इसके पीछे माफिया को गांव की जमीन बेचने की साजिश सरकार रच रही है। उन्होंने पिछले दिनों हुए इन्वेस्टर समिट पर सवाल उतारते उठाते हुए कहा कि सरकार पलायन से खाली हो चुके पहाडों के लोगों की भूमि माफिया को बेचना चाहती है। इसके साथ ही हमारे पहाड़ों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा, हम अपने ही खेत-खलिहानों से बेघर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कई शहीदों के कुर्बानियों की कीमत पर मिले इस राज्य को उत्तराखंड क्रांति दल यूं ही बिकने नहीं देगा। उन्होंने बताया कि आगामी 23 फरवरी से एक मार्च तक उत्तराखंड क्रांति दल के सभी वरिष्ठ नेता पूरे राज्य में भ्रमण कर जन जागरूकता व जन संवाद कर लोगों को प्रदेश को बचाने के लिए आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करेंगे।

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