हल्द्वानी I भाबर की लाइफ लाइन जमरानी बांध परियोजना को वर्षों की जद्दोजेहद के बाद अंतत: मंजूरी मिल गई है। सोमवार को दिल्ली में हुई केंद्रीय जलायोग की तकनीकी सलाहकार समिति ने बांध परियोजना को मंजूरी दे दी है। अब परियोजना निर्माण के लिए वित्त का इंतजार है। जमरानी के लिए केंद्र सरकार से धनराशि की मांग की गई है।
एसई संजय शुक्ल ने बताया कि केंद्रीय जलायोग के अधिकारियों ने 11 फरवरी को हुई टीएसी में बांध के सभी बिंदुओं और तकनीकी पहलुओं की गहन जानकारी अध्ययन के बाद तकनीकी मंजूरी दे दी है। अब बांध निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। बांध के लिए वित्तीय व्यवस्था होते ही बांध निर्माण का काम शुरू हो जाएगा।

बता दें कि वर्ष 1975 में इस परियोजना को सैद्धांतिक सहमति मिली थी। परियोजना के लिए तत्कालीन लागत 61.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इस परियोजना के तहत गौला बैराज, 244 किमी नहरों, जमरानी कॉलोनी का निर्माण किया गया। इसमें करीब 25.24 करोड़ रुपये खर्च हुए। तब से लगातार परियोजना पर कई आपत्तियां लगती रहीं। आपत्तियों का निस्तारण कराने में सिंचाई विभाग को 43 साल बीत गए।

जमरानी बांध परियोजना को टीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब बांध निर्माण की सभी बाधाएं दूर हो गई हैं। परियोजना को अब वित्त का इंतजार है। केंद्रीय जलायोग द्वारा केंद्र सरकार और राज्य सरकार को बांध की मंजूरी के साथ ही बांध निर्माण के लिए धन की व्यवस्था कराने के लिए पत्र भेज दिया गया है। बांध परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था की कसरत तेज हो गई है।

Post A Comment: