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उत्तराखण्ड में हर जरूरतमंद और गंभीर से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे द हंस जरनल अस्पताल सतपुली  में समाजसेवी माताश्री मंगलाजी एवं भोलेजी महाराज जी की प्रेरणा से 17 फरवरी को पीठ एवं कमर दर्द से परेशान लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण शिविर का आयोजन हो रहा है। जिसमें पहुंच कर पीठ एवं कमर दर्द की बीमारी से परेशान लोगों नि:शुल्क अपनी कमर और पीठ से संबंधित शिकायत की जांच करवा सकते हैं।
द हंस जरनल अस्पताल सतपुली के डाक्टर एच. एस. मिनास ने इस बारे में बताया कि द हंस फाउंडेशन जरनल अस्पताल सतपुली में पीठ एवं कमर रोग संबंधित लोगों के लिए महा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें द हंस फाउंडेशन जरनल अस्पताल सतपुली एवं स्पाइन फाउंडेशन के सौजन्य से डाक्टर नीरज गुप्ता, डाक्टर अंकुर नंदा इंडियन स्पाइनल सेंटर नई दिल्ली, डाक्टर अंकुर गुप्ता स्पाइन क्लिनिक कानपुर और डाक्टर मनोज त्यागी द हंस फाउंडेशन जरनल अस्पताल सतपुली की देखरेख में इस शिविर में पीठ एवं कमर दर्द के मरीजों की जांच की जाएंगी और इनका हर संभव इलाज किया जाएगा।

 डाक्टर मिनास ने बताया कि माताश्री मंगलाजी एवं भोलेजी महाराज जी के आशीष से हम यह कहना चाहते कि हम समझते हैं कि आपका स्वस्थ रहना आपके परिवार के लिए कितना आवश्यक है। इस लिए समय-समय पर द हंस फाउंडेशन जरनल अस्पताल सतपुली में ऐसे मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। जिनमें हर उस व्यक्ति को स्वास्थ्य की सेवा निःशुल्क प्राप्त हो सके जो आज के समय बड़े-बड़े अस्पतालों में अपने स्वास्थ्य की जांच नहीं करवा सकता है।
17 फरवरी 2019 को हंस फाउंडेशन जरनल अस्पताल सतपुली में लगने वाले शिविर में वह सभी लोगों अपनी जांच करवा सकते हैं। जिन्हें कमर दर्द हैं और यह दर्द पैरों की ओर बढ़ता है। जिन्हें कमर की कमजोरी की वजह से पैर में क्रैम्प आता है। चलने फिरने में जो लोग पैरों में कमजोरी और करते हैं। जिसकी वजह से उन्हें कई बार रूकना पड़ता है। जिन्हें कमर दर्द है और जिनको मल-मूत्र के निस्तारण पर नियंत्रण नहीं होता। जिनकी पीठ टेड़ी होती है और जिन्हें गर्दन में दर्द है और यह दर्द पूरे हाथ में फैलता है। ऐसे लोग ज्यादा से ज्यादा इस शिविर में आएं और निःशुल्क जांच करवा कर दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाए।

डाक्टर मिनास ने बताया कि आज के समय हर उम्र के लोग बच्चे, बुजुर्ग और जवानों का उठने बैठने का तरीका ठीक नहीं है। वह आज की भागती दौड़ती जीवन शैली में अपनी पीठ और कमर का बिलकुल ध्यान नहीं रखते। लेकिन पीठ और कमर हमारे लिए कितने महत्वपूर्ण है। यह तब समझ में आता है। जब हमें पीठ या कमर की बीमारी लग जाती है।
इस लिए हम कह रहे हैं कि किसी भी व्यक्ति को पीठ एवं कमर दर्द संबंधी किसी भी तरह की  परेशानी हो या यह रोग आगे न बढ़े। इसके लिए आप सब इस जांच शिविर में आए और नि:शुल्क अपनी पीठ एवं कमर जांच करवाएं।

जगमोहन 'आज़ाद'।

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