jऋषिकेश,11फरवरी । पहली बार 13 फरवरी से आयोजित किया जा रहा है तीन दिवसीय पाटा का एक बहुत बड़ा सेमिनार , जिसमें दुनिया भर के साहसिक , पर्यटन से जुड़े लोग प्रतिभाग करने आ रहे हैं। यह जानकारी  उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने  सोमवार की शाम को गढ़वाल मंडल विकास निगम के  पर्यटन ग्रह में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान देते हुए कहा कि इस सेमिनार में उत्तराखंड में आयोजित किए जाने वाले जंपिंग रिवर राफ्टिंग को लोग समझेंगे जिससे उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। पर्यटन मंत्री सेमिनार पहले स्थलीय निरीक्षण करने ऋषिकेश पहुंचे थे सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश ऐसी पुण्य भूमि है जहां विटल ने भी अपने गीतों की रचना की है यह सेमिनार उत्तराखंड में टूरिज्म को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उत्तराखंड से 121 शहीद विदेशों के 28 देशों के टूरिज्म से जुड़े लोग प्रतिभाग कर रहे हैं।पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड सरकार  उत्तराखंड में बुद्धिज्म को भी हाईलाइट करना चाहती हैं, क्योंकि जापान जैसेे देशों के लोग बुद्धिज्म को ज्यादा मानते हैं ।और इस सेमिनार  में जापान से भी लोग प्रतिभाग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के काशी पूर में भगवान बुद्ध ठहरे भी हैं ।इसी के मद्देनजर  ऋषिकेश में आयोजित यह की जा रही तीन दिवसीय मीट के दौरान उत्तराखंड के सभी तीर्थाटन व पर्यटन क्षेत्र के  7 पंच प्रयाग को भी दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी पक्षियों को भी इसमें में दिखाया जाएगा उनका कहना था कि उत्तराखंड जल्द ही पर्यटन के क्षेत्र में हब बनने जा रहा हैं। उन्होंने कहा औली  और फॉरेस्ट इंस्टीट्यूट देहरादून के साथ  ऋषिकेश भी  विकसित किया जाएगा। बोले कहा कि मुझे उत्तराखंड में इसे आयोजित करने की प्रेरणा लंका से मिली है क्योंकि लंका का विकास टूरिज्म के माध्यम से हुआ है जहां भारत के लोग भी विवाह समारोह करने जाते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कार्तिकेय भी उत्तराखंड में आए और किसके कारण आज देश के कई मंदिर उत्तराखंड में बने है क्योंकि उन्होंने यहां और तपस्या भी की है। जिसके कारण कार्तिकेय को मानने वाले उनके अनुयाई भी इस सेमिनार में प्रतिभाग कर रहे हैं।

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