ऋषिकेश,23सितम्बर। क़ोतवाली पुलिस ने वषों से अवैध चरस स्मैक का करोबार करने वाले तस्कर को मय माद के गिरफ्तार करने का दावा किया है यह खुलासा पुलिस क्षेत्राधिकारी विरेन्द्र सिंह रावत ने  रविवार को कोतवाली मे  पत्रकार वार्ता के दौरान करते हुए बताया कि तीर्थनगरी ऋषिकेश क्षेत्र में नशीले पदार्थो के विरुद्ध जनता के द्वारा लगातार कोतवाली ऋषिकेश को शिकायत की जा रही थी तथा क्षेत्र में नशीले पदार्थो की अवैध बिक्री व तस्करों के विरुद्ध रोष व्याप्त था।
ऋषिकेश में नशीले पदार्थो की तस्करी व बिक्री रोकने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  के निर्देशन, पुलिस् अधीक्षक ग्रामीण  एवं क्षेत्राधिकारी  ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के द्वारा माह अगस्त से नशे के खिलाफ पूरे ऋषिकेश क्षेत्र में अभियान चलाया गया।
  उल्लेखनीय है कि पुलिस के द्वारा नशा अवैध शराब चरस एवं इसमें की तस्करी के विरुद्ध माह अगस्त से लगातार अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत पुलिस द्वारा अब तक 1310 पव्वे अंग्रेजी शराब, 1970 पव्वे देशी शराब, 80 लीटर कच्ची शराब के साथ 28 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है।
क्षेत्र में नशीले पदार्थो की तस्करी कर भय व्याप्त करने वालों की रोकथाम हेतु 11 व्यक्तियों के विरूद्ध गुण्डा एक्ट के अन्तर्गत जिलाधिकारी महोदय को रिपोर्ट प्रेषित की गयी है, जिनके विरूद्ध जिलाबदर की कार्यवाही प्रचलित है, जिसमें से 03 शराब माफियाओं (बिट्टू, अभिमन्यु व राजेश गुप्ता) को जिलाबदर कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  के निर्देशन, पुलिस् अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी ऋषिकेश के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश के नेतृत्व में ऋषिकेश क्षेत्र में नशीले पदार्थो की तस्करी व बिक्री करने वालों के विरूद्ध अभियान चलाये जाने के लिये *पुलिस की 05 टीम तैयार की गयी एवं मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। पुलिस टीम द्वारा सादे वस्त्रों में नियुक्त रहकर चन्द्रेश्वरनगर, जाटव बस्ती, शान्तिनगर में नियुक्त रहकर अथक परिश्रम कर नशीले पदार्थो की तस्करी व बिक्री करने वाले व्यक्तियों व उनके ठिकानो की जानकारी करने के लिये लगातार ताबड़तोड़ दबिशे दी गयी,* जिससे नशीले पदार्थो व शराब की तस्करी करने वालों में हड़कम्प मच गया, व कई शराब माफिया अपने अपने घर से फरार हो गये। पुलिस द्वारा की गयी इस प्रकार की छापेमारी से पुलिस को कई अहम जानकारियां प्राप्त हुई। पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि नशीले पदार्थो का तस्कर गुरुचरण भी पुलिस के डर से फरार हो गया है। गुरूचरण को पकड़ने के लिये पुलिस ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर जाल बिछाया।  पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति काफी मात्रा में नशीले पदार्थो को बिक्री हेतु लाने वाला है। इस सूचना पर पुलिस टीम जंगलात बैरियर के पास चैंकिग करने लगे। थोड़ी देर में जैसे ही वह व्यक्ति जंगलात बैरियर के पास आया तो पुलिस टीम ने उसकी पहचान गुरूचरण के रूप में हुई। *पुलिस टीम द्वारा गुरूचरण को मौके पर ही  गिरफ्तार कऱ लिया, जिसकी तलाशी लेने पर इसके पास से लगभग 01 किलोग्राम चरस व 12 ग्राम स्मैक व एक इलेक्ट्रानिक तराजू बरामद हुआ। इसके विरूद्ध थाने पर मु0अ0सं0 448/2018, धारा 8/20/21 एनडीपीएस एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया।* अभियुक्त गुरूचरण को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि मैं यह चरस व स्मैक मैं बरेली से सुलेमान नाम के व्यक्ति से लाता हॅूं जो मुझे वहां पर स्टेशन के बाहर मिलता है। चरस व स्मैक को ऋषिकेश के स्कूलों व मुनिकीरेती के राफ्टिंग एरिया में* बेचता हॅू।अभियुक्त ने चरस व स्मैक खरीदने वालों के नाम बताये हैं जिसके बारे में पूछताछ कर कार्यवाही की जायेगी।  अभियुक्त गुरूचरण, इसकी पत्नी शान्ति देवी व पुत्र के विरुद्ध थाना ऋषिकेश पर नशीले पदार्थो व शराब की तस्करी व बिक्री के कई अभियोग पंजीकृत हैं। अभियुक्त गुरूचरण व इसकी पत्नी कोतवाली ऋषिकेश के हिस्ट्रीशीटर भी है।*


अभियुक्त के कार्य करने का तरीका
 अभियुक्त द्वारा बरेली से भारी मात्रा में चरस व स्मैक आदि को खरीदकर ऋषिकेश में स्कूलों/कालेजों, कोचिंग सेन्टरों, हास्टलों के सामने तथा मुनिकीरेती क्षेत्र में राफ्टिंग पर्यटकों को मंहगे दामों में बेचा जाता है। यह एक शातिर किस्म का अपराधी है, जिसके द्वारा पुलिस से बचने हेतु मोबाइल फोन का बहुत की कम प्रयोग किया जाता है तथा बार बार अपना सिम बदल दिया जाता है, जिससे पुलिस इसकी लोकेशन ट्रेस न कर सके।

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