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ऋषिकेश, 2 जून। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए महावीर इंटरनेशनल शाखा ऋषिकेश ने नगर निगम की मेयर व कोतवाल रितेश शाह को मास्क भेंट किए। मौके पर संस्था के रीजनल अध्यक्ष पीके जैन ने कहा कि देश इस समय कोरोना की जंग लड़ रहा है ।इसे इसे हराने के लिए हर किसी को आगे आने जरूरत है कहां की जल्द ही हम  कोरोना को आसानी से हरा देंगे। देश एक बार फिर विकास की सीढ़ियां चढ़ेगा मौके पर श्रवण कुमा जैन, दिवेश कुमार, प्रदीप कुमार जैन आदि थे।

ऋषिकेश, 2 जून। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने जिलाधिकारी ‌टिहरी को जनपद के समस्त ग्रामों में तैनात की गई निगरानी समिति को सुरक्षा किट बांटने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने क्वारंटीन सेंटरों में ड्यूटी पर तैनात अध्यापकों को भी अलग से किट बांटने के लिए कहा।

मंगलवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने टिहरी जिले मेें कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए की गई तैयारियों का हाल जिलाधिकारी टिहरी मंगेश घिल्ड़ियाल से फोन पर वार्ता कर जाना। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी को प्रत्येक ग्राम निगरानी समिति को सुरक्षा किट के अंतर्गत 30 वाशेबल मॉस्क, 100 दस्ताने और दस लीटर सोडियम हाइपोक्लोराइड बांटने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव में चार से ज्यादा क्वारंटीन केंद्र बनाए गए हैं, तो ऐसी जगहों पर समिति को दो किटें उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों के खाते में पांच हजार रुपये की धनराशि अलग से उपलब्ध कराई जा रही है। जिसे केवल क्वारंटीन सेंटरों में व्यवस्था बनाने के लिए खर्च किया जा सकेगा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने जिलाधिकारी को क्वारंटीन सेंटरों में ठहराये गये प्रवासियों की हरसंभव सहायता करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मुनिकीरेती क्षेत्र में लगातार बड़ी संख्या मेें आ रहे प्रवासियों के लिए क्वारंटीन सेंटरों में व्यवस्थाएं दुरस्त करने के लिए भी कहा।
हल्द्वानी, 2 जून। चम्पावत के लोहाघाट के 40 वर्षीय  युवक की कोरोना से मौत, मुम्बई में था ट्रक ड्राइवर, 18 मई को लोहाघाट पहुँचा था युवक, 21 मई को स्वास्थ खराब होने पर लोहाघाट सीएचसी में किया था आइसोलेट, 24 मई को कोरोना रिपोर्ट आई थी। पाजेटिव आने के उपरांत एसटीएच हल्द्वानी में किया था भर्ती, आज सुबह आई सी यू में युवक ने दम तोड़ दिया, चंपावत जनपद में कोरोना से हुई पहली मौत।
साप्ताहिक कार्यक्रम की शुरूआत में पर्यावरण विषय पर 'ई-स्लोगन प्रतियोगिता' से हुई


 ऋषिकेश, 2 जून। ढालवाला।मॉडर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में विज्ञान विभाग व कंप्यूटर विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में "ऑनलाइन पर्यावरण जागरूकता सप्ताह" की शुरुआत एमआईटी संस्थान के निदेशक रवि जुयाल दूरभाष द्वारा की गई।इस साप्ताहिक कार्यक्रम की शुरूआत में पर्यावरण विषय पर 'ई-स्लोगन प्रतियोगिता' से की गई। इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में सभी छात्रों,शोधकर्ताओं व शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है।इसी कड़ी में पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में एक निबंध प्रतियोगिता व जंतु विज्ञान विषय जागरूकता पर ऑनलाइन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देश के कई राज्यों से प्रतियोगियों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।इससे पूर्व 26 मई को कोविड़-19 पर सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का ऑनलाइन आयोजन किया गया था।जिसमें उत्तराखंड व अन्य प्रदेशों से 870 से अधिक प्रतियोगियों अपना प्रतिभाग किया।आने वाले दिनों में पर्यावरण विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता,बायोटेक्नोलॉजी,माइक्रोबायोलॉजी,कंप्यूटर साइंस व पर्यावरण विज्ञान आदि विषयों पर क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जाएंगी।प्रतियोगिता के संचालक मंडल में डॉ0 कौशल्या डंगवाल,डॉ0 सुनील कुमार सिंह,डॉ0 माधुरी कोशिश लिली,प्रदीप पोखरियाल व डॉ0 कमलेश कुमार भट्ट आदि शामिल हैं।

एमआईटी संस्थान के निदेशक रवि जुयाल व आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर डॉ0 ज्योति जुयाल ने लॉकडाउन के दौरान संस्थान की इस अपार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। ऑनलाइन प्रतियोगिता 5 जून तक चलेगी।
ऋषिकेश, 2 जून।आज का आदित्य  न्यूज़ पोर्टल  का खबर का असर ।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ऋषिकेश) से बीते सोमवार शाम डिस्चार्ज किए गए  पर्यटन मंत्री के पांच परिजनों को एम्स अस्पताल में दोबारा एडमिट किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार होम कोरंटाइन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के चलते ऐसा किया गया है।  एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत जी के स्टाफ ऑफिसर डा. मधुर उनियालजी ने बताया कि सोमवार शाम अस्पताल में भर्ती पर्यटन मंत्री के पांच परिजनों को एसिम्टमेटिक ( जिस व्यक्ति में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हों) होने के चलते केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिवाइज गाइड लाइन के मद्देनजर उनके होम कोरंटाइन की समुचित व्यवस्था में रहने की बात पर डिस्चार्ज कर दिया गया था, इसके लिए परिजनों द्वारा एम्स प्रशासन से आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद मालूमात हुआ कि उनके घर पर परिजनों के होम कोरंटाइन में रहने की समुचित सुविधाएं नहीं हैं। लिहाजा कोविड पॉजिटिव मरीजों की समुचित चिकित्सा व निगरानी के मद्देनजर सभी परिजनों को दोबारा अस्पताल में दाखिल कर दिया गया है। जिससे संक्रमित परिजनों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके व अन्य कोई व्यक्ति भी उनके संपर्क में आकर संक्रमित नहीं हो।
ऋषिकेश, 1 जून। आज गंगा दशहरा के पावन अवसर पर माँ गंगा को अविरल और निर्मल बनाये रखना हेतु वेबनार का आयोजन किया गया जिसमें परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज, डॉ रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री सहित कई विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों एवं प्रोफेसरों ने सहभाग किया।
वर्तमान में आयी वैश्विक कोविड-19 महामारी के कारण हुये लॉकडाउन के दौरान, नदियों में और उसके आस-पास वन्यजीवों की दृश्यता में वृद्धि के साथ ही नदियों का स्वच्छ स्वरूप और स्वच्छता के साक्ष्य प्राप्त हुये है। जैसा कि हम पोस्ट-लॉकडाउन, उद्योग को फिर से शुरू करते हैं, तो यह जरूरी है कि हम इस झलक को याद रखें कि लाॅकडाउन के दौरान नदियों ने अपना प्राचीन स्वरूप, पवित्रता, सुंदरता का दर्शन कराया और प्रदूषण के प्रभाव को तेजी से कम किया है इस पर विशेष ध्यान दिये जाने की जरूरत है। अब इसे कैसे निर्मल बनाये रखा जा सकता है, इस पर विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किये।
हमें नदियों के प्रवाह एवं उपचार के लिए प्रणालीगत बदलाव लाने के लिए कार्य करना होगा, ऐसा बदलाव जो उन्हें समृद्ध बनाता है, उनकी समृद्ध, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को संरक्षित करता है। इस पैनल में चर्चा का उद्देश्य उन तरीकों की जांच करना था जिससे हम अपने पर्यावरण के साथ और अधिक सामंजस्य में रह सकते हैं, नदियों, पारिस्थितिक तंत्र के स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं, और जैव विविधता को बनाये रखने हेतु मिलकर प्रयास करेंगे। इन कारवाइयों में सरकारी नियम और प्रवर्तन के साथ ही समाज के सभी स्तरों पर यथा बच्चों से लेकर बड़ों तक तथा नागरिकों से लेकर निगमों तक की जिम्मेदारी व दायित्वों पर विचार विमर्शं किया गया।
तालाबंदी के दौरान अभी गंगा में क्या विशिष्ट परिवर्तन हुए हैं? पानी की गुणवत्ता, पोस्ट-लॉकडाउन भी इसे बनाए रखने हेतु क्या किया जाये। इसके संबद्ध में संस्थानों द्वारा भविष्य में क्या किया जायेगा, इस पर व्याख्या की गयी।
डा रमेश पोखरियाल निशंक केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री, ने कहा कि गंगा माँ सभी के लिये समान भाव रखती है। भारत की तो संस्कृति ही ऐसी है कि वह पूरे विश्व को एक परिवार मानती है, हम वसुधैव कुटुम्बकम् की संस्कृति को जीते है। हमने धरती को माता कहा है। भारत हमेशा से सभी का सहायक रहा है। माँ गंगा राष्ट्रीय धरोहर ही नहीं बल्कि विश्व धरोहर है। माँ गंगा के स्पर्श से ही शान्ति मिलती है। कहा जाता है कि माँ गंगा के जल में व्याधियों के निवारण की क्षमता है। माँ गंगा के लिये पूरे विश्व को संवेदनशील होना होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी के प्रयासों से हम उत्तराखंड़ से माँ गंगा को गंगोत्री की तरह ही पवित्र और निर्मल रूप में आगे प्रवाहित करने में अपना योगदान अवश्य देंगे। उत्तराखंड पर्यावरण की पहली पाठशाला है। यहां पर लोग पौधों को बच्चों की तरह पालते है। इस राज्य ने देश को अनेक पर्यावरणविद् दिये है। हिमालय में तन और मन को ठीक करने की शक्ति है। हमें इन सब कामों के लिये बड़ा मन चाहिये; बड़ा समर्पण चाहिये।

परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि शिक्षा में पर्यावरण बहुत जरूरी है। पहले भी हमारी चर्चा माननीय निशंक जी के साथ हुई थी कि विद्यार्थियों को अब ’’ग्रेस माक्र्स के स्थान पर ग्रीन माक्र्स’’ दिये जाये। अब तो यह बहुत ही जरूरी हो गया है कि ’’पहाड़ के लोग वापस पहाड़ पर’’ क्योकि पहाड़ियों का दर्द भी पहाड़ जैसा; पहाड़ के लोगों का दर्द भी पहाड़ जैसा है और उसका समाधान भी एक ही है ’पलायन नहीं बल्कि घर वापसी’। कोरोना ने तो यह करके भी दिखा दिया कि चलो अपने गांवों और घरों की ओर, और उस पर माननीय मोदी जी ने आत्मनिर्भर भारत की मोहर भी लगा दी। गांव बदलेगा तो देश बदलेगा।

ऋषिकेश,1जून।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती राज्य के पर्यटन मंत्री के परिवार के पांच सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। साथ ही उन्हें होम कोरंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि यह सभी सदस्य एसिम्टमेटिक (जिस व्यक्ति में रोग के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हों) थे। लिहाजा केंद्र सरकार की गाइड लाइन के आधार पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।                                                                                            एम्स संस्थान की ओर से सोमवार को जारी हेल्थ बुलेटिन में संकायाध्यक्ष (अस्पताल प्रशासन) प्रो. यूबी मिश्रा ने बताया कि बीते रविवार को सूबे के काबीना मंंत्री, उनकी पत्नी समेत सात पारिवारिक सदस्यों को कोविड संक्रमित पाए जाने पर एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया था। जहां सभी सदस्यों की विस्तृत जांच की गई।                                                                                                                                                                                       उन्होंने बताया कि परिवार के उक्त सदस्यों को सोमवार शाम डिस्चार्ज कर दिया गया है। साथ ही उन्हें होम कोरंटाइन में रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि यह सभी  सदस्य ए-​सिम्टमैटिक हैं,लिहाजा  ऐसे पेशेंट जिनमें कोविड के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइड लाइन के तहत होम कोरंटाइन में रखा जा सकता है। लिहाजा उनके व्यक्तिगत आग्रह पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तथा होम कोरंटाइन में रहने की सलाह दी गई।                                           उन्होंने बताया कि काबीना मंत्री के पारिवारिक जनों ने घर में कोरंटाइन में रहने की बेहतर व सुविधाजनक वातावरण की बात कही थी,लिहाजा उनके आग्रह पर सरकार की गाइड लाइन के तहत पांच लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।