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पौडी। उत्तराखंड के पौड़ी में एक बेटी के जन्मदिन पर उसके सिर से मां का साया उठ गया। आज सुबह घास लेने गई महिला मीना नौटियाल पर गुलदार ने हमला कर दिया और उसे खींच कर जंगल में ले गया।
जब गांव वालों ने खोजबीन की तो महिला का शव जंगल में कुछ दूर ही बरामद कर लिया गया। खंडाह गांव में हुई गुलदार के हमले की इस घटना के बाद लोगों में गुस्सा है। वहीं महिला की मौत होने से परिजन शोक ग्रस्त हैं। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम शव को निकाल रही है। मृतक मीना पत्नी हरीश, निवासी लोवर भक्तियाना, उम्र 40 साल मूलरूप से गिरीगांव की है।
महिला शव जंगल में बेहद दुर्गम क्षेत्र में मिला है। जहां से शव निकालने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बताया गया कि घटना बुधवार सुबह लगभग सात बजे की है। मां की मौत की खबर सुनकर बेटी तान्या को रो-रोकर बुरा हाल हुआ। आज उसका जन्मदिन था और मां उससे घर वापस लौटने पर पूड़ी-पकौड़ी बनाने का वाद कर घास लेने गई थी।
रोजाना की तरह मीना नौटियाल तीन महिलाओं के साथ जंगल में घास लेने गयी थी। मीना गाय का दूध बेचकर परिवार का गुजारा करती थी। बुधवार सुबह तीनों घास काट रही थीं। तभी गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। मीना नौटियाल खुद को हमले से बचा नहीं सकी। अन्य दो महिलाओं ने बमुश्किल जान बचाई और वहां से भाग निकली। उसके बाद गांव वालों को इस बात की जानकारी दी।
मसूरी। लंबे समय से सरकारी आवास पर कब्जा जमाए बैठे छावनी परिषद उपाध्यक्ष महेश चंद के खिलाफ आर्मी अब आक्रामक मूड में आ गयी है। इस संबंध में छावनी परिषद ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार की सुबह 6 बजे मिलिट्री और पुलिस फोर्स लाव लश्कर के साथ महेश चंद के आवास पर पहुंची। साथ ही कब्जा मुक्त करने की दिशा में कार्य किया। अधिकारियों ने उनसे तुरंत आवास खाली करने को कहा, परंतु महेश चंद ने कहा कि उनको कोर्ट में 30 अक्टूबर को सुनवाई के लिए बुलाया गया है। ऐसे में एकाएक सुबह कार्रवाई करना करना गलत है। उन्होंने कुछ कागजात भी दिखाए, लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस दौरान काफी गहमागहमी भी हुई, साथ ही तनाव की स्थिति देखने को मिली। वहीं आर्मी के अधिकारियों का साफ कहना है कि उनको 1 महीने पहले ही नोटिस भेजकर बता दिया गया था। ऐसे में उपाध्यक्ष महेश चंद कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही आर्मी और प्रशासन अब नियामनुसार कार्रवाई करेगा। दूसरी ओर महेश चंद का कहना है कि उनको कुछ और समय दिया जाए जिससे वह अपनी बात रख सकें। परंतु आर्मी मानने को तैयार नहीं है। उनका कहना है उन्हें अतिरिक्त समय अब नहीं दिया जाएगा। आर्मी के अधिकारियों ने महेश चंद से पूरी तरह से आवास खाली कराने का मन बना लिया है। वहीं कब्जा मुक्त करने के लिए भारी मात्रा में फोर्स लेकर मौके पर पहुंची. समाचार लिखे जाने तक वहां भारी फोर्स के बीच कार्रवाई जारी है। दूसरी ओर इस मामले को लेकर आर्मी और प्रशासन के अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं.2014 से अनिधकृत रूप से रह रहे हैं। अधिकारियों के अनुशार छावनी परिषद उपाध्यक्ष महेश चंद यहां 2014 से रह रहे हैं। मसूरी के प्राइम लोकेशन वाले इस आवास में महेश चंद का पूरा परिवार रहता है। उनके पिता छावनी परिषद में कार्यरत थे, जोकि वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त हो गए थे। ऐसे में नियमानुसार उन्हें 90 दिन में आवास खाली कर देना था, लेकिन उन्होंने आवास खाली नहीं किया। वे अनिधकृत रूप से रह रहे हैं। हालांकि 2015 में महेश चंद छावनी परिषद के उपाध्यक्ष चुने गए।
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देहरादून। मसूरी में पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता के साथ पटरी व्यापारियों द्वारा अभद्रता करने का मामला शांत नहीं हो रहा है। इसे लेकर पालिका कर्मचारियों द्वारा पूरे शहर की व्यवस्था ठप कर दी है। वहीं दूसरी ओर एक पटरी व्यापारी अंकुर सैनी द्वारा फेसबुक पर लाइव आकर पालिका अध्यक्ष की सीट और कई फर्जीवाड़े का खुलासा करने की बात करते हुए फिनायल पी लिया गया है।
जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा गंभीर हालत में अंकुर सैनी को सिविल अस्पताल लाया गया। जहां पर उसका इलाज किया जा रहा है। मामले के पता चलने के बाद अंकुर सैनी की मां की भी हालत बिगड़ गई है। उन्हें भी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद पटरी व्यापारियों में खासा आक्रोश है।
सभासद गीता नं बताया कि पटरी व्यापारी अपनी मांगों को  लेकर धरना- प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन नगरपालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता उनकी मांगों को मानने के बजाय नगरपालिका में कार्य बहिष्कार कराने और धरना प्रदर्शन की धमकी दे रहे हैं। अंकुर सैनी के भाई सौरभ सैनी ने  नगरपालिका अध्यक्ष पर आरोप लगाया है और कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि माल रोड पर पट्टी लगाने के बजाय जहर खा कर मर जाओ। वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद मसूरी पालिका अध्यक्ष के साथ हुई अभद्रता को लेकर कार्य बहिष्कार कर रही है। आज नगरपालिका कर्मचारी संघ के साथ मसूरी के विभिन्न संगठन रैली के माध्यम से एसडीएम कार्यालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। कार्यबहिष्कार से शहर की सफाई व्यवस्था चैपट हो गई है। शहर में चारों गदगी फैल गई है।
रुड़की। राज्य निर्वाचन आयोग ने रुड़की नगर निगम चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दिया है। अधिसूचना जारी होते ही आचार संहिता भी लागू हो गई है। इसके तहत आगामी 22 नवंबर को मतदान किया जाएगा और 24 नवंबर को मतगणना की जाएगी।
बता दें कि, बीते साल अक्टूबर-नवंबर महीने में रुड़की नगर निगम को छोड़कर बाकी सातों नगर निगम समेत 84 निकायों के चुनाव संपन्न हुए थे, लेकिन उस दौरान रुड़की नगर निगम का मामला हाई कोर्ट में होने के कारण चुनाव नहीं हो पाया था। जिसके बाद कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेकर राज्य सरकार को रुड़की नगर निगम में आरक्षण तय करने के आदेश दिए थे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार रुड़की नगर निगम चुनाव के लिए 1 और 2 नवंबर को नामांकन, 4 और 5 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच, 6 नवंबर को नाम वापसी और 7 नवंबर को प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। जबकि, 22 नवंबर को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होंगे। वहीं, 24 नवंबर को मतगणना होगी.रुड़की नगर निगम के आरक्षण की अधिसूचना के अनुसार मेयर पद को सामान्य रखा गया है। जबकि, निगम के 40 वार्डों में से 19 वार्डों को सामान्य, 10 वार्डों को सामान्य महिला, 3 वार्डों को पिछड़ी जाति, 4 वार्डों को अनुसूचित जाति, 2 वार्डों को अनुसूचित जाति (महिला) और 2 वार्डों को पिछड़ी जाति (महिला) के लिए आरक्षित रखा गया है।
ऋषिकेश,23 अक्टूबर( AKA)।  एक 80 वर्षीय  संत द्वारा अपने अंतिम  समय को  ध्यान साधना भजन मे व्यतित करने के लिए अपने पैसे से बनाई गई, गंगा किनारे स्वर्ग आश्रम क्षेत्र में  कुटिया से आश्रम प्रबंधक द्वारा बेदखल कर दिए जाने के बाद अब रैन बसेरे के लिए भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि उम्र के जिस पड़ाव में आने पर परिवार और समाज के लोग आगे आकर सेवा भाव दिखाते हैं, ऐसे संत  शिवानंद आश्रम के  स्वामी चिदानंद सरस्वती के शिष्य 80 वर्षीय स्वामी दुर्गा नंद सरस्वती को जोंक के स्वर्गाश्रम प्रबंधन ने उनकी ही बनाई कुटिया से बेदखल कर दिया।  इस कुटिया का निर्माण इन्होंने अपने  पैसों से सात साल पहले किया था।  कुटिया बनाने की अनुमति स्वर्गाश्रम प्रबंधन से इस शर्त पर मिली थी, कि वो इस कुटिया में जीवन पर्यन्त रहेंगे ।और इनके शरीर छोड़ने के बाद ये कुटिया स्वर्गाश्रम प्रबंधन से दूसरे संत को साधना हेतु मिल जाएगी।
 स्वर्गाश्रम ट्रस्ट में संतो को योग, भजन, साधना आदि करने और जीवन यापन के लिए या तो खाली जमीन उपलब्ध करवाई जाती है ।
जिसकी 2010 मेंं स्वामी दुर्गानंद सरस्वती ने स्वर्गाश्रम प्रबंधन से अपने भजन और रहने के लिए उस समय के स्वर्गाश्रम के प्रबंधक सी पी शर्मा से अनुमति ली। फिर उन्होंने इनको भूमि उपलब्ध करवाई, जहां इनकी वर्तमान में कुटिया नंबर 25 है।
इतना सब खर्च करने के बावजूद भी वर्तमान स्वर्गाश्रम प्रबंधक ने फरवरी 2019 में इनको इनकी कुटिया से बाहर निकाल दिया। इस संबंध में स्वर्गाश्रम प्रबंधक कर्नल वी.के. श्रीवास्तव का कहना है ,कि सबसे पहले स्वामी  के शिष्य पर स्वर्गाश्रम की महिला कर्मचारी से अभद्रता करने की शिकायत आई। उसके बाद आसपास रहने वाले संतों ने इनके खिलाफ लिखित शिकायत भी दी। उसके बाद हमने ये कार्यवाही की।
वहीं इसी विषय मे स्वामी दुर्गानंद ने कहना है कि मैं कुंभ स्नान के लिए इलाहाबाद मेले और उसके बाद छत्तीसगढ़ तीर्थ में चला गया था। इस बीच मैं अपने शिष्य ब्रह्मचारी लक्ष्मण चेतन्य को स्वर्गाश्रम प्रबंधन से अनुमति लेकर ही दो माह के लिए अपनी कुटिया की सुरक्षा के लिए रखकर गया। इसी बीच शिष्य पर छेड़छाड़ के आरोप लग गए। जिसमें मुझे भी दोषी मानते हुए स्वर्गाश्रम प्रबंधन ने अपने दस से पंद्रह आदमियों के साथ मिलकर कुटिया से मेरा सामान बाहर निकाल दिया। इस पर जोंक थानाध्यक्ष राकेन्द्र सिंह कठैत का कहना है कि मैं तीन बार स्वर्गाश्रम प्रबंधन से मिला पर उन्होंने इसको अपना व्यक्तिगत मामला बताया।वहीं उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने भी इनके मामले को संज्ञान में ले लिया है।
इस मामले मे दूसरे कई संतों का कहना था कि स्वामी  दुर्गा नंद ने अपनी कुटिया का निर्माण खुद करवाया है।  जबकि प्रबंधक का  कहना था कि कुटिया का निर्माण हम करवाकर देते हैं। इसके अलावा प्रबंधन पर 30 साल के युवाओं को भी कुटिया देने का आरोप लगा है। जबकि इसमें उम्रदराज संतों को ही योग  साधना, भजन आदि करने के लिए कुटिया देने की व्यवस्था है।

ओंकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में एक इग्नाइट -5 का शानदार आगाज हुआ कार्यक्रम में नगर व आसपास क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से 800 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया
सोमवार को आईएमटी में आयोजित इग्नाइट फाइव का उद्घाटन मुख्य अतिथि गन्ना एवं चीनी विकास उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भगतराम कोठारी मुनिकीरेती नगर पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी संस्थान के प्रबंधक समिति के अध्यक्ष केशव मोहन अग्रवाल डॉक्टर जय राम राय व निदेशक डॉ रजूल दत्त ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं की ओर से लगाए गए चटपटे व्यंजनों के स्टाल आकर्षण का केंद्र रहा । आंतरिक खेलों के पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में मदर मिरेकल की छात्रा नीतू ने प्रथम व डीएसबी की छात्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया दीया डेकोरेशन प्रतियोगिता में प्रथम वाह हैप्पी होम के जिया नेगी द्वितीय रही वहीं रंगोली प्रतियोगिता में एनडीएस के तनीषा लेला ने प्रथम व रानी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया आर्ट एंड क्राफ्ट प्रतियोगिता में स्वामी विवेकानंद की आशा नेगी ने प्रथम व में मेघा भट्ट ने तृतीय स्थान प्राप्त किया इस मौके पर इग्नाइट -5 में मुंबई से आई प्रसिद्ध गायिका रिया भट्टाचार्य ने श्याम को अपनी रंगारंग कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। वहीं पेंटिंग प्रतियोगिता में हाई स्कूल के तेजस भटनागर ने प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त किया प्रतियोगिता में स्वामी विवेकानंद स्कूल स्कूल की खुशबू स्लोगन प्रतियोगिता में हैप्पी होम स्कूल सुबोध कुमार ने प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त किया इस अवसर पर विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर उनको   सम्मानित किया इस  अवसर पर प्रोफेसर प्रमोद उनियाल डा. विकास गैरोला, अम्रपाली नेगी, डॉ राजेश मनचंदा योगा शिक्षिका मीना मिश्रा, विजयकांत मंगाई, दीपशिखा, दीपा , अनमोल, नित्यानंद , प्रियंका , शिखा, पिंकी, किरण, पूजा , सखी, अनिल राणा कोटी, देवप्रिया दास, नवीन द्विवेदी, बबीता बिष्ट, मुकेश शर्मा , अंकुर तिवारी ,आदि उपस्थित रहे।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में ट्रॉमा यूनिट की स्थापना व विकास विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन प्रो.एस. राजा सभापति ने व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के सर्जरी से जुड़े चिकित्सकों को लीडरशिप की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।                                                                                                                                                                                       एम्स के बर्न एवं प्लास्टिक चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित अतिथि व्याख्यान में संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने उम्मीद जताई कि प्रो. राजा के अनुभव व सहयोग से संस्थान के बेहतर ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने सहायता मिलेगी। जिससे ब्लास्टिंग, पहाड़ों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर उपचार मिल सकेगा। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया कि संस्थान के बर्न एंड प्लास्टिक चिकित्सा विभाग में मरीजों को कटे हाथ, कटी ऊंगलियों को फिर से जोड़ने की सर्जरी उपलब्ध है। जिससे मरीज को ताउम्र अपाहिज होने से बचाया जा सके और वह फिर से मुख्यधारा से जुड़ सके।                                                                                                                                                            इस अवसर पर गंगा अस्पताल कोयंबटूर के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन व एम्स के विजिटिंग प्रोफेसर एस. राजा सभापति ने संस्थान में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने ट्रॉमा से जुड़ी घटनाओं को लेकर लोगों को जागरुक करने पर जोर दिया, जिससे लोग लापरवाही से दुर्घटनाओं का शिकार होने से बच सकें। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा से जुड़े मामलों में मरीज के बेहतर उपचार के लिए एनेस्थिसिया, ट्रॉमा सर्जन व प्लास्टिक सर्जन के मध्य बेहतर समन्वय का होना जरुरी है। तभी चिकित्सकों का दल मरीज को राहत दे सकता है।                                    उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी से ब्लास्टिंग व दुर्घटना में हाथ-पैर कटने से घायल लोगों का बेहतर उपचार कर उनके अंगों को दोबारा जोड़कर उन्हें नया जीवनदान दिया जा सकता है। इस अवसर पर ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. कमर आजम, हेड एंड नेक कैंसर विभागाध्यक्ष प्रो. एसपी अग्रवाल, प्रो. किम मेमन, बर्न एवं प्लास्टिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डा. विशाल मागो, डा.मधुर उनियाल, डा. अजय कुमार, डा. भियांराम,डा. सिद्धार्थ, डा. घोसला रेड्डी,डा. अमूल्य रतन, डा. राजेश कुमार,डा. नीरज आदि मौजूद थे।