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ऋषिकेश, 21 नवंबर।  हरिद्वार राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए 60 फीट तक चिन्हीकरण किए जाने पर राज्य आंदोलनकारियों ने रोष जताया है। गुस्साए राज्य आंदोलनकारियों ने तहसील में प्रदर्शन किया। राज्य आंदोलनकारियों ने 60 फीट की बजाए 40 फीट पर बने शहीद स्मारक तक चौड़ीकरण करने की मांग की।

गुरुवार को उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति ऋषिकेश के बैनर तले उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों ने तहसील में प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्ष 1994 में मसूरी कांड, रामपुर तिराहा कांड के दौरान 42 राज्य आंदोलनकारियों की पुलिस की गोली से शहादत हो गई थी, जो राज्य आंदोलनकारियों व जनमानस की आस्था का प्रतीक है। इन 42 राज्य आंदोलनकारियों की याद में ऋषिकेश स्थित हरिद्वार राजमार्ग पर शहीद स्मारक का निर्माण करवाया गया। शहीद स्मारक के लिए श्री भरत मंदिर ट्रस्ट ने भूमि दान की। उसके बाद राजमार्ग से 40 मीटर की दूरी पर तत्कालीन जिलाधिकारी की मौखिक अनुमति पर यहां शहीद स्मारक बनाया गया। यहां 40 फीट पर राजमार्ग किनारे नाली भी बनी है। लेकिन अब हाईवे चौड़ीकरण के दौरान अधिकारियों द्वारा राजमार्ग के सेंटर से 60 फीट तक चिन्हीकरण किया जा रहा है और इस शहीद स्मारक को अतिक्रमण बताया जा रहा है। जबकि उस समय प्रशासन की अनुमति के बाद यह शहीद स्मारक 40 फीट की दूरी पर बना था। कहा कि साथ ही यहां बनी दुकानों व मार्केट को शहीद स्मारक मार्केट के नाम से जाना जाता है। इसका उल्लेख निगम के दस्तावेजों में भी हैं। ऐसे में राजमार्ग चौड़ीकरण के दौरान सेंटर से 40 फीट तक ही चिह्नीकरण किया जाए। यहां शहीद स्मारक व शहीद स्मारक मार्केट जो 40 फीट पर बना है, उसे अतिक्रमण से बाहर रखा जाए। शहीद स्मारक राज्य आंदोलनकारियों की आस्था व शहीदों की शहादत का प्रतीक है। इसे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होना चाहिए। अगर स्मारक व शहीद स्मारक मार्केट को किसी भी प्रकार का नुकसान हुआ तो राज्य आंदोलनकारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।प्रदर्शन करने वालों में वेद्रप्रकाश शर्मा, विक्रम सिंह भंडारी, गंभीर सिंह मेवाड़, युद्धवीर सिंह चौहान, मनीषा वर्मा, रामेश्वरी चौहान, देवकी, बृजेश डोभाल, शकुंतला सिंह, गोदाम्बरी खंडूरी, जयंती नेगी, अजय गुलाटी, आशीष जोशी, सुरेंद्र उनियाल, गोविंद सिंह रावत, सुशीला पोखरियाल, विद्यावती सेमवाल, विजय पंत, पुष्पा शर्मा, लीला कपरुवान, पूर्णिमा बडोनी, संपत्ति पेटवाल, गुड्डी डोभाल, उर्मिला डबराल, शीला भंडारी, अंजू गैरोला, कृषणा देवी, प्रेमा सिंह रावत, गुलाब सिंह रावत, कर्म चंद गुसाईं, जया डोभाल, बचनी रावत, माहेश्वरी बिष्ट, नरेश ध्यानी, जगदीश प्रसाद भट्ट आदि शामिल थे।
ऋषिकेश,21 नवंबर।  आस्थापथ पर घर से बिना बताए घूमने वाले युवक-युवतियों के खिलाफ पुलिस का अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। पुलिस की टीमों ने आस्थापथ पर 12 युवक-युवतियों से पूछताछ की। इसके बाद उनके परिजनों को जानकारी देने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक आस्थापथ पर घूमने वाले मनचलों के खिलाफ पुलिस का अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। पुलिस की टीमें सुबह और शाम के वक्त आस्थापथ पर गश्त कर रही है। बताया कि पुलिस की एक टीम ने त्रिवेणीघाट से साईं मंदिर घाट, दूसरी टीम ने साईं घाट से आवास विकास के दूसरे गेट, जबकि तीसरी टीम ने बैराज से आवास विकास तक 12 ऐसे युवक-युवतियों से पूछताछ की जो घर से बिना बताए आस्थापथ घूमते नजर आए। पुलिस टीम ने बिना वजह आस्था पर बैठने वाले, स्कूल या कॉलेज की ड्रेस में मिलने वाले युवक-युवतियों से पूछताछ की। जिसके बाद परिजनों को बुलाकर चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया है। इस दौरान आस्थापथ पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। कोतवाल रितेश साह ने बताया की आस्थापथ पर चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश की ओर से वर्ल्ड एंटीबायोटिक वीक के अंतर्गत आयोजित जनजागरुकता मुहिम के तहत सार्वजनिक व्याख्यान व संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने समाज में एंटीबायोटिक दवाओं के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई और लोगों से एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय परामर्श के नहीं करने की अपील की।  इस दौरान लोगों को शपथ दिलाई गई कि वह एंटीबायोटिक के अस्तित्व से जुड़े इस गंभीर विषय को लेकर समाज के दूसरे लोगों को भी जागरुक करेंगे।                                                                                                 बृहस्पतिवार को संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत की देखरेख में आयोजित जनजागरुकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक दवाओं के गलत तरीके से उपयोग पर व्याख्यान दिया। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का भविष्य हम सब लोगों के हाथों में है, लिहाजा इसके लिए चिकित्सक व आमजन को जागरुक होने की जरुरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करें। निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने आगाह किया कि यदि हम एंटीबायोटिक दवाओं को सामान्य दवाओं की तरह इस्तेमाल करते रहे तो एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस डेवलप एंटीबायोटिक की प्र​तिरोधकता बढ़ जाएगी,जिसके दूरगामी घातक परिणाम सामने आएंगे। लिहाजा हमें एंटीबायोटिक दवाओं को बचाकर रखने की जरुरत है जिससे आने वाली पीढ़ृी इसका उपयोग कर सके। निदेशक एम्स ने कहा ​कि हाथों को ठीक से धोने व अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखकर एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेेमाल से बचा जा सकता है।                                                                  आयोजित संगोष्ठी में संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता ने कहा कि एंटीबायोटिक जीवन की सुरक्षा की दवा है, लिहाजा इसके उपयोग पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग कम और दुरुपयोग अधिक हो रहा है, भारत में लोग इन दवाओं का लापरवाही से इस्तेमाल कर रहे हैं जो कि सही नहीं है। डा. मनीष शर्मा के संयोजन व जनक जोशी के संचालन में आयोजित संगोष्ठी में डीन रिसर्च प्रो. प्रतिमा गुप्ता, डीन नर्सिंग प्रो. सुरेश कुमार शर्मा, डा. प्रसन कुमार पांडा, डा.पुनीत धमीजा, डा. संतोष कुमार ने व्याख्यान दिया। उधर, एम्स की ओर से चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र में जनजागरुकता व्याख्यान आयोजित की गई, जिसमें संस्थान के विशेषज्ञ प्रो. एसके शर्मा,डा. पीके पांडा,डा. संतोष कुमार व डा. मनीष शर्मा ने लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के इस्तेमाल को लेकर जागरुक किया, साथ ही उन्हें इन दवाओं के गलत उपयोग से होने वाले नुकसान से अवगत कराया। इस दौरान कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नाट्य प्रस्तुति के जरिए लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के सही इस्तेमाल व उसके दुरुपयोग को लेकर जागरुक किया। इस अवसर पर प्रो. किम मेमन,डा. वसंता कल्याणी, रूचिका रानी, राखी मिश्रा, शिवप्रसाद बहुगुणा, रमेश बुटोला, बंशीलाल नौटियाल, सुरेंद्र भंडारी, नर्मदा सेमवाल, अंबिका सेमवाल,रचित अग्रवाल,धीरेंद्र बिष्ट आदि मौजूद थे।
ऋषिकेश, 21 नवम्बर। अहमदाबाद, गुजरात से तीन दिनों की पर्यावरण यात्रा पर आयी रैग पिकर्स बहनों को आज परमार्थ निकेतन से विदाई दी गयी। उन बहनों ने तीन दिनों तक यहां रहकर तीर्थ सेवन का लाभ लिया। रैग पिकर्स बहनों ने गंगा स्नान, ध्यान, योग, सत्संग के साथ ऋषिकेश और उत्तराखण्ड की संस्कृति से परिचित हुई। उन सभी का नेत्र और कैंसर विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य परिक्षण किया तथा उन्हें स्वच्छता का प्रशिक्षण भी दिया गया।
मस्तीजादे, रब्बा, मैं क्या करूं जैसी यादगार फिल्मों में अभिनय करने वाली सुष्मिता मुखर्जी और शेमारू भक्ति सर्विसेस के अध्यक्ष  अमित शाण्डिल्य जी ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती जी से भेंट कर विख्यात परमार्थ गंगा आरती में सहभाग किया।
 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि हमारी यही संस्कृति है कि सब मिलकर रहें। जिस प्रकार गंगा में जो कुछ मिलता है वह गंगा बनकर उसके साथ बहने लगता है तथा गंगा में अनेक धारायें आती हैं  और सभी गंगा में समाहित हो जाती हैं वैसे ही आज समाज की प्रत्येक धारा को साथ लेकर चलना होगा। रैग पिकर्स को सामान की नहीं बल्कि सम्मान की जरूरत है।
 परमार्थ निकेतन में सभी रैग पिकर्स बहनों का सम्मान किया गया तथा सभी बहनों को साड़ियां भेंट की गयी। रैग पिकर्स बहनों ने नई साड़ियां पहनकर परमार्थ गंगा तट पर गरबा कर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। जब वे सभी मंत्रमुग्ध होकर गरबा कर रही थी तब ऐसा लग रहा था मानों पूरा वातावरण दिव्यता से चमत्कृत हो उठा।
 रैग पिकर्स बहनों ने पहली बार अपने प्रति प्रेम, समरसता और सद्भाव देखा और उन्हें जो सम्मान दिया उससे वे अभिभूत हो उठीं। उन्होने कहा कि हम 100 बहनें आज पहली बार एक जैसे वेश में हैं। आज तक हमने लोगों की आंखों में अपने लिये घ्रणा और तिरस्कार ही देखा था। कई बार मन्दिरों के अन्दर तो क्या हम बाहर परिसर में भी खड़े नहीं हो सकते थे परन्तु हमारा सौभाग्य है कि गंगा के तट पर बसे परमार्थ निकेतन आश्रम में हमें तीन दिनों तक रहने का अवसर मिला, अगाध प्रेम और सम्मान प्राप्त हुआ। हमारे लिये यह तीन दिन अविस्मर्णीय है। उन्होने कहा कि हमें तो परमार्थ निकेतन अपना घर लगने लगा है।
सुष्मिता मुखर्जी ने कहा कि मैंने अपने साथी कलाकारों से परमार्थ निकेतन की दिव्यता के विषय में सुना था आज यहां पर आकर परम शान्ति, सुचिता और दिव्यता का अनुभव कर रही हूँ। वास्तव में अपार शान्ति का सागर है गंगा तट।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने सुष्मिता मुखर्जी और शेमारू भक्ति सर्विसेस के अध्यक्ष श्री अमित शाण्डिल्य जी को रूद्राक्ष का पौधा भेंट किया। श्री अमित शाण्डिल्य जी ने कहा कि हमें स्वामी जी द्धारा शुरू की गयी इस पर्यावरण की पहल ने अत्यंत प्रभावित किया हम इस अभियान में स्वामी जी के साथ है।
परमार्थ गंगा आरती में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने एकल उपयोग प्लास्टिक का उपयोग न करने तथा अपने परिसर को स्वच्छ रखने का संकल्प कराया।
ऋषिकेश, 21 नवंबर। वीरभद्र मार्ग एम्स के  निकट ठेली, रेहड़ी,  साइकिल पर  रखकर सामान बेचने वाले सभी लोगों के द्वारा सामूहिक रूप से  साफ सफाई करके स्वच्छता का संदेश दिया गया  जिसमें झाड़ियों की सफाई, पलास्टिक व अन्य गन्दगी तथा ब्लीचिंग पाउडर , व चूना स्वयं खरीदकर सफाई की । एवम इन लोगों ने प्रत्येक सप्ताह इस प्रकार के अन्य सामाजिक कार्य करने का संकल्प लिया है साथ ही वन विभाग द्वारा लगाए गए वृक्षों को पानी दे कर के उनको उगाने के लिए प्रयासरत है। और यह बहुत ही अच्छा कार्य है इसमें अपने शहर के लिए कुछ कर गुजरने इच्छाशक्ति का प्रभाव सकारात्मक दिशा में प्रत्येक नागरिक में दिख रहा है। यशवंत सिंह रावत,  सुनील यादव, मनवर सिंह नेगी, विवेक जैन, विनोद शर्मा ,नैनसिंह , प्रदीप, देशराज, पप्पू, पप्पू यादव, पंकज, बृजेश राजभर,  किरन, मीरा, दीप्ति शर्मा, सुनीता, हीरालाल, पप्रकाश शर्मा, सोनू, मनीराम , राहुल, हरीश, आदि ने कार्य किया।
ऋषिकेश, 21नवंबर।  सौरमंडल में बृहस्पतिवार को बड़ी हलचल के तहत धन समृद्धि मान सम्मान और सौंदर्य के लिए जिम्मेदार दैत्य गुरु शुक्र देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु में ठीक 12:36 पर प्रवेश कर गए जहां पर वह सवा महीने तक भ्रमण करेंगे ।
  राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज आईडीपीएल में संस्कृत प्रवक्ता आचार्य डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को सौर मंडल के नवग्रहों में मान सम्मान प्रतिष्ठा सुख और समृद्धि के कारक भोगों के कारक शुक्र ग्रह ने अपनी कक्षा बदलते हुए ज्ञान धर्म दांपत्य राजकाज के कारक देव गुरु बृहस्पति की मूल त्रिकोण राशि धनु राशि में सवा महीने के लिए प्रवेश किया जिसका राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति धर्म अध्यात्म समाज शिक्षा पर्यावरण पर बहुत गहरा असर दिखाई देगा विपरीत स्वभाव वाले  दैत्य गुरु एवं देवगुरु के एक ही राशि में आने पर राजनीति में विरोधी विचारधारा के दलों में एकता होगी परंतु है एकता स्थाई नहीं होगी कुछ समय तक ऐसा लगेगा कि इनके विचार एक हो गए हैं परंतु एक समय के बाद वे फिर पृथक हो जाएंगे
  सौर विज्ञानी डॉक्टर घिल्डियाल बताते हैं कि राशियों के अनुसार शुक्र के राशि परिवर्तन का निम्न वत प्रभाव रहेगा मेष राशि इस राशि के लोगों को हर तरीके से समाज में सक्रियता बढ़ेगी पिता की स्थिति बेहतर होगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी घर की महंगी चीजें खरीदने में पैसा खर्च होगा वृष राशि इस राशि के जातक लोगों से मिलनसार रहेंगे आरामदायक जिंदगी जीना पसंद करेंगे कार्यक्षेत्र में कोई बड़ा अवसर मिल सकता है परंतु शुक्र के अष्टम भाव में आने से स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे मिथुन राशि मिथुन राशि के लोगों को थोड़ा संभल कर रहने की जरूरत होगी सेहत संबंधी परेशानियां होंगी कार्यक्षेत्र में बदलाव तथा यह बदलाव शुभ संकेत लेकर आएगा कर्क राशि कर्क राशि में शुक्र का गोचर रोगों में बढ़ोतरी करेगा वाद-विवाद बढ़ाएगा अनावश्यक वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए अन्यथा शुक्र किसी परेशानी में जरूर डालेगा सिंह राशि प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी बच्चों की तरफ से अच्छी खबर सुनने को मिलेगी मान सम्मान बढ़ेगा प्रेम प्रसंग के चक्कर में ना पड़े कन्या इस राशि के लोगों के लिए घरेलू समस्याएं खत्म होंगी नया घर खरीदने की प्रेरणा बनेगी वाहन ध्यान से चलाएं शुक्र के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए पत्नी का सम्मान करें तुला राशि छोटे भाई बहनों से संबंधों को मधुर बनाएगा छोटी छोटी यात्राओं पर जाने का प्रबल योग बनेगा तीसरे भाव में शुक्र का गोचर मेहनत के द्वारा रुके हुए पैसे दिलाएगा वृश्चिक इस राशि के जातकों के परिवार में अंधन को बढ़ाएगा परिवार के बाद विवाद को हमेशा के लिए खत्म करेगा शुक्र को अच्छा करने के लिए घर में गंदे कपड़ों को इधर-उधर ना फैलाएं धनु इस राशि में शुक्र का गोचर स्वास्थ्य में कुछ गड़बड़ पैदा करेगा बने हुए कार्य बिगड़ेंगे पति-पत्नी के बीच विवाद हो सकता है सावधानी बरतें मकर जेब खर्च बढ़ सकती है किसी रिश्तेदार से वाद विवाद हो सकता है प्रेम संबंध भी करवा सकता है इसलिए अपने आचरण पर ध्यान दें कुंभ इस राशि के जातकों के लिए धन की खूब बढ़ोतरी होगी मान-सम्मान की प्राप्ति होगी कार्यक्षेत्र में प्रशंसा का योग बनेगा मीन राशि शुक्र का गोचर मीन राशि वालों के लिए कार्य क्षेत्र में बढ़ोतरी देगा बदलाव को लेकर भी अच्छा करेगा नौकरी व्यापार से संबंधित समस्त परेशानियां खत्म होंगी उधार दिया वापस लौटेगा अपने खर्चों पर नियंत्रण रखें।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स ऋषिकेश में विश्व निमोनिया दिवस के उपलक्ष्य में जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन ​किया गया। जिसमें मरीजों को निमोनिया के कारण व बचाव को लेकर जागरुक  किया गया। चिकित्सकों ने बताया कि निमोनिया से बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है, जिसे लगाकर लोग इस रोग से सुरक्षित रह सकते हैं।                                                                                                                                                                          इस अवसर पर संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने कहा कि हमारे देश में निमोनिया जैसी घातक बीमारी से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की बहुत जरुरत है। उन्होंने बताया कि निमोनिया की वेक्सीन उपलब्ध होने के बाद भी अधिकांश लोग जानकारी के अभाव में वैक्सीन नहीं लगा पाते। निदेशक एम्स ने बताया कि संस्थान इस बात को लेकर प्रतिबद्ध है कि निमोनिया की मृत्यु दर को निम्नवत स्तर पर लाया जा सके, लिहाजा इस दिशा में हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। एम्स निदेशक पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने बताया ​कि संस्थान की ओर से नियमिततौर पर विभिन्न विषयों पर जनजागरुकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें जनसामान्य को सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए,जिससे वह विभिन्न तरह की बीमारियों व उनसे बचाव को लेकर जागरुक हो सकें।                                                                                                                                                                                                                                              पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जनरल मेडिसिन व पल्मोनरी मेडिसिन  विभाग की फैकल्टी ने व्याख्यान प्रस्तुत किए। डा. लोकेश कुमार सैनी ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 40 लाख लोग निमोनिया से ग्रसित हो जाते हैं, जब​कि अस्पताल में भर्ती लगभग 20 प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने बताया कि निमोनिया के बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है,जिनमें से कुछ वैक्सीन बचपन में  लगाई जाती हैं। बताया कि न्यूमोकोकल व फ्लू वैक्सीन वयस्कों को लगाई जाती है।                                                                                                                                             उन्होंने बताया ​कि 65 वर्ष से अधिक आयु वाले वृद्धजनों व 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों जो कि डायबिटिज,फेफड़े, गुर्दे, लीवर, दिल, कैंसर, एचआईवी जैसी लंबी बीमारी से पीड़ित हों या धूम्रपान व शराब का सेवन करते हों उन्हें न्यूमोकोकल वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए। डा. मोहित गर्ग ने बताया कि स्वाइन फ्लू से प्रतिवर्ष भारत देश में हजारों लोगों की मृत्यु हो जाती है, स्वाइन फ्लू को फैलने से रोकने के लिए मरीज को स्वस्थ लोगों से खासकर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं से दूर रहना चाहिए। मरीज को खांसते एवं छींकते समय मुहं पर कपड़ा लगाकर व साथ ही हरवक्त मुहं व नाक पर मास्क लगाकर रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू के बचाव के लिए प्रभावी वैक्सीन उपलब्ध है, जो प्रत्येक व्यक्ति को हरसाल अगस्त व सितंबर माह में लगवा लेनी चाहिए।                                                                                                                                                                    इस दौरान संस्थान की सभी फैकल्टी व रेसिडेंट्स चिकित्सकों के लिए एडल्ट वेक्सिनेशन फॉर निमोनिया प्रिवेंशन विषय पर व्याख्यान का आयोजन भी किया गया। जिसमें डा. विपुल प्रकाश, डा. मोहित गर्ग ने संबंधित जानकारियां दी।